
ग्रीष्मकाल में जीवन हमारा देश उष्णकटिबन्ध क्षेत्र में स्थित होने के कारण ग्रीष्म ऋतु में…
अधिक पढ़ेंगतांक से आगे– तीन मूढ़ताएँ इस प्रकार सम्यकदृष्टि साधक देव, शास्त्र और गुरु के चरणों…
अधिक पढ़ें“जियो और जीने दो” भगवान महावीर के उपदेशों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सारगर्भित सिद्धांत…
अधिक पढ़ेंविश्वपटल पर मुस्लिम, ईसाई और बौद्धों की तुलना में जैनों की संख्या नगण्य है। भारत…
अधिक पढ़ेंभव्यात्माओ! आज हम बाहर के युद्ध की नहीं, भीतर के युद्ध की बात कर रहे…
अधिक पढ़ेंराग द्वेष कर्म के बीज है। जीव के संसार में परिभ्रमण का कारण राग द्वेष…
अधिक पढ़ेंएक प्रश्न स्वयं से क्या कभी हमने स्वयं से यह प्रश्न किया है कि हम…
अधिक पढ़ेंजैन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा में नवकार महामंत्र का स्थान सर्वोच्च और सर्वमान्य है। यह…
अधिक पढ़ेंसम्यग्दृष्टि को शुद्धात्मा की अनुभूतिसहित आठ अंगों का पालन होता है। रत्नकरण्ड श्रावकाचार में श्री…
अधिक पढ़ेंAnkTech XI (जयपुर सेंट्रल) ने पल्लीवाल युवक मंडल, शाखा जयपुर द्वारा 28 और 29 मार्च…
अधिक पढ़ेंश्री 1008 श्री आदिनाथ भगवान से श्री 1008श्री महावीर स्वामी भगवान तक की परंपराओं को…
अधिक पढ़ेंअखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा, शाखा, जयपुर अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा, शाखा, जयपुर द्वारा…
अधिक पढ़ें*अनेकांतवाद — मतभेद नहीं, दृष्टिकोण का अंतर* आज का समय विचारों का समय है, लेकिन…
अधिक पढ़ेंजैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च धर्म माना गया है, और जीव दया इसका एक…
अधिक पढ़ेंक्या यह उचित है ? कौन क्या खाता है? यह उनका निजी मामला है, इसमें…
अधिक पढ़ेंअशोका फाउंडेशन की ओर से अंधता निवारण महाभियान के तहत छोटी चौपड़ स्थित नृसिंह…
अधिक पढ़ेंअलम नसीबों ! रोना छोड़ो, हंसना सीखो । हक के खातिर, जीना सीखो, मरना सीखो…
अधिक पढ़ें😥लाखों जीवन लेने वाले क्रूर *हिटलर* ने आखिरकार आत्महत्या कर ली!……. 😥सुंदर प्रवचन देने वाले…
अधिक पढ़ेंजीवन का हर क्षण मूल्यवान है, कीमती व दुर्लभ है। हर प्राणी जीवन जीता है…
अधिक पढ़ेंकर्मों की खेती में जाने-अनजाने जो बीज आपके द्वारा पड़ जाते हैं देर-सबेर उनका अंकुरण…
अधिक पढ़ेंदुर्लभ संयम तप कल्याणक के अवसर पर एक मनोरम दृश्य सभा में उपस्थित किया गया।…
अधिक पढ़ेंअखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा दिवंगत आत्माओं को श्रृद्धांजली अर्पित करते हुए संवेदना प्रकट करती…
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