
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा, शाखा, जयपुर अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा, शाखा, जयपुर द्वारा…
अधिक पढ़ेंविश्वपटल पर मुस्लिम, ईसाई और बौद्धों की तुलना में जैनों की संख्या नगण्य है। भारत…
अधिक पढ़ेंभव्यात्माओ! आज हम बाहर के युद्ध की नहीं, भीतर के युद्ध की बात कर रहे…
अधिक पढ़ें😥लाखों जीवन लेने वाले क्रूर *हिटलर* ने आखिरकार आत्महत्या कर ली!……. 😥सुंदर प्रवचन देने वाले…
अधिक पढ़ें*अनेकांतवाद — मतभेद नहीं, दृष्टिकोण का अंतर* आज का समय विचारों का समय है, लेकिन…
अधिक पढ़ेंगतांक से आगे– इस प्रकार सम्यक्दृष्टि साधक देव, शास्त्र और गुरु के चरणों में सदा…
अधिक पढ़ेंजीवन का हर क्षण मूल्यवान है, कीमती व दुर्लभ है। हर प्राणी जीवन जीता है…
अधिक पढ़ेंदुर्लभ संयम तप कल्याणक के अवसर पर एक मनोरम दृश्य सभा में उपस्थित किया गया।…
अधिक पढ़ें23 मार्च को मुनिश्री आदित्य सागर जी महाराज द्वारा श्री 1008श्री महावीर स्वामी मंदिर,लीड़स एन्क्लेव…
अधिक पढ़ेंक्या यह उचित है ? कौन क्या खाता है? यह उनका निजी मामला है, इसमें…
अधिक पढ़ें✨ प्रमुख विचार “जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता, वहाँ संस्कार और संवेदनाएँ…
अधिक पढ़ेंएक प्रश्न स्वयं से क्या कभी हमने स्वयं से यह प्रश्न किया है कि हम…
अधिक पढ़ेंजैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च धर्म माना गया है, और जीव दया इसका एक…
अधिक पढ़ेंश्री 1008श्री आदिनाथ भगवान से श्री 1008श्री महावीर स्वामी भगवान तक की परंपराओं को स्मरण…
अधिक पढ़ेंअलम नसीबों ! रोना छोड़ो, हंसना सीखो । हक के खातिर, जीना सीखो, मरना सीखो…
अधिक पढ़ेंकर्मों की खेती में जाने-अनजाने जो बीज आपके द्वारा पड़ जाते हैं देर-सबेर उनका अंकुरण…
अधिक पढ़ेंराग द्वेष कर्म के बीज है। जीव के संसार में परिभ्रमण का कारण राग द्वेष…
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