श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

वृक्षों से प्रेम करो

वृक्षों से प्रेम करो ये विश्वसनीय हैं, इनसे प्रेम करो।

वृक्षों से प्रेम करो सड़क के दोनों ओर -कतार बनाकर ऐसे खड़े जैसे खड़े सिपाही ।

इनसे है प्रकृति की अद्भूत शोभा । इनसे प्रेम करो, वृक्षों से प्रेम करो।

घूम घाम कर इधर उधर से जब भी मैं आता हूँ।

खड़ा सुनिश्चित मैं इनको अपने सेवा में पाता हूँ।

मुसाफिर करता है इनकी छाया में विश्राम। इनसे प्रेम करो। वृक्षों से प्रेम करों।

फल देते, छाया देते, ऊर्जा देते, और आँखों को हरियाली देते।

कोई बताये ये हमको क्या नहीं देते।

मैं तो कहता हूँ ये हमको जीवन देते।

यदि है प्राणों से प्रेम, तो वृक्षों से प्रेम करो।

धरम चंद जैन,
रिटायर्ड XEn PWD
अलवर

Leave a Reply