श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

महासभा पदाधिकारियों में मनमुटाव समाप्त करने का प्रयास

शिखर चंद जैन (सिंघई)
ई-361, कमला नगर
आगरा-282005
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ई-मेल: pmcpackagingpvltd@gmail.com

अलवर में 28.01.2024 को हुई सद्भावना बैठक के निर्णय के अनुसार मैंने 10.03.2024 को पल्लीवाल जैन भवन, जयपुर में एक मीटिंग आयोजित की जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री त्रिलोक चन्द जी जैन एवं सद्भावना कमेटी के सदस्य उपस्थित हुए।

  1. शिखरचन्द जैन सिंघई आगरा
  2. श्री शेखरचन्द जैन आरएएस जयपुर
  3. श्री देवकीनन्दन जैन महुआ
  4. श्री चन्द जैन जयपुर
  5. श्री रमेशचन्द पल्लीवाल जयपुर
  6. श्री विमल चन्द जैन महुआ
  7. श्री मगन चन्द जैन अलवर
  8. श्री जेत्सीत् जैन जयपुर
  9. श्री पवन कुमार जैन जयपुर

श्री राकेश जैन बजाज को मैंने अपने सहायक के रूप में अध्यक्षजी से कहकर रखा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रीय महामंत्री जी को भी आने का पत्र ता० 03.02.2024 को दिया था और मुझे और सभी सम्मानित सदस्यों को भी दिनांक 03.02.2024 को पत्र भेजा था। उसी के अनुसार मैंने मीटिंग की सूचना सभी सदस्यों को वाट्सअप द्वारा दी। महामंत्री जी से मैंने कार्यवाही एवं मीटिंग की कार्यवाही, सी.डी. मांगी थी एवं दो बार रिमाइंडर भी दिया। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। उनसे मेरी 10 तारीख के लिए दो से तीन बार बात हुई तो उन्होंने कहा, “ठीक है, कोशिश करूंगा।”

दिनांक 10.03.2024 को सभी लोग आ गए, लेकिन पूर्व अध्यक्ष श्री देवकीनन्दन जी से फोन करके पूछा तो उन्होंने बताया कि उनकी शादी थी, इसलिए उन्होंने असमर्थता जताई। राष्ट्रीय महामंत्री जी से बातें हुई तो उनको 200 तीर्थयात्रियों का खाना ले जाना था इसलिए उनको समय नहीं मिला। मीटिंग की कार्यवाही से पहले श्री शेखरचन्द आर०ए०एस० द्वारा भगवान महावीर वन्दना की ओर जयघोष के बाद मीटिंग दोपहर बारह बजे शुरू हो गई। सभी माननीय सदस्यों ने अपने विचार रखे, सभी के विचार बहुत धैर्य से सुने गए, सभी ने विधान के अनुसार कार्यक्रम नहीं होने की बात कही। एक वर्ष से विवाद चल रहा है, पदाधिकारी चुने गए हैं वह विधान के अनुसार नहीं हैं। कोर्ट केस भी चल रहा है। राष्ट्रीय महामंत्री जी राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की बात नहीं मानते हैं। मीटिंग में महामंत्री अपनी भूमिका नहीं निभाते हुए अन्य लोग समस्त कार्यवाही में हस्तक्षेप करते/कराते हैं।

अखिल भारतीय पल्लीवाल महासभा का चुनाव हस्तिनापुर में रखा गया जिसके अध्यक्ष जी श्रीमान् रमेशचन्द जी आर०ए०एस० थे एवं महामंत्री श्री राजीव रत्न जी थे एवं अर्थमंत्री भी श्री अजीत जी थे। इस प्रस्ताव का समर्थन पूरी कार्यकारिणी ने किया था। हस्तिनापुर में इनके द्वारा चुनाव कराया गया जो पूर्ण रूप से असफल हो गया। लोग परेशान थे। 5000 व्यक्तियों का इंतजाम की इनकी भूमिका सही नहीं रही न ही कोई कमेटी बनाई गई। इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार हैं। इसकी वजह से वहाँ झगड़े हुए, हुड़दंग हुए मतदान पेटियों को लेकर लोग भागने लगे। गणनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी एक दिन पहले ही अपने प्रवचन में पल्लीवाल समाज के संगठन की प्रशंसा कर रही थीं। उपरोक्त हुड़दंग, झगड़े आदि से समाज का नाम भी खराब हुआ। यह कालिख इस धर्मनगरी में लगी जिससे लोगों की आंखों में आंसुओं की धारा बहने लगी। लोग पानी के लिए तरस गए। महिलाएँ धूप में खड़ी रहीं।

यह हालात देखकर श्री रमेश चन्द जी जैन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हजारों लोगों के सामने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। मंत्री राजीव रतन खामोश रहे और चुनाव अधिकारी ने चुनाव स्थगित कर दिया। दिनांक 13.11.2022 को फिरोजाबाद में महामंत्री राजीव रतन द्वारा कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई गई जिसमें आर०सी० जैन जो त्यागपत्र दे चुके थे, वह उपस्थित नहीं हुए। मीटिंग की अध्यक्षता वरिष्ठ श्री शरद कुमार जैन नागपुर द्वारा की गई एवं महामंत्री श्री राजीव रतन द्वारा मीटिंग का संचालन किया गया। अध्यक्ष का गुप्त मतदान से त्यागपत्र स्वीकार हो गया। बैलेट पेपर द्वारा हुआ। इसी समय महामंत्री श्री राजीव रतन द्वारा अपना इस्तीफा सदन में रख दिया और सदन ने वोटिंग द्वारा उनका भी इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद कार्यकारिणी ने श्री शरद कुमार जी को सर्वसहमति से कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया एवं इसी क्रम में कार्यवाहक महामंत्री श्री मगन चन्द जैन अलवर को मनोनीत किया गया

कार्यवाहक अध्यक्ष/ महामंत्री जी ने दिनांक 11.12.2022 को अलवर में कार्यकारिणी की बैठक बुलाई और सभी की सहमति से अलवर में निर्विघ्न चुनाव कराने का निर्णय लिया। इनके सानिध्य में दिनांक 22.01.2023 को अशोक शर्मा जी एडवोकेट द्वारा चुनाव सानंद सम्पन्न हो गए। इसके लिए श्री शरद जैन एवं महामंत्री श्री मगनचन्द जैन की चुनाव में वोट डालने गए लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस चुनाव में श्री त्रिलोक चन्द जैन अलवर अध्यक्ष चुने गए और महामंत्री श्री महेशचन्द जैन जयपुर चुने गए। अर्थमंत्री श्री भागचन्द जैन अलवर को चुना गया, इसके साथ-साथ कार्यकारिणी के सदस्य भी चुने गए।

पूर्व अध्यक्ष एवं महामंत्री ने अपने पद की गरिमा को तार-तार कर दिया। आप अपने कार्यों से असंतुष्ट थे और आप बीच मजधार में समाज को छोड़कर चले गए। आपने स्वेच्छा से एवं अपनी अंतरात्मा से त्यागपत्र दिया था, इसलिए आप अपने मनोनयन का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। अंतिम अध्यक्ष एवं महामंत्री को मनोनयन की इसलिए व्यवस्था थी कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत अच्छा कार्य किया और भविष्य में नई कार्यकारिणी उनके अनुभवों का लाभ ले सकेगी।

इसीलिए कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में श्री शरद जैन नागपुर एवं मगन चन्द जैन अलवर अंतिम सदस्य माने जाएंगे। महामंत्री अपनी मदद के लिए सहमंत्री का नाम सदन में रखेंगे जिसका मनोनयन कार्यकारिणी के द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सहमंत्री को किसी प्रकार का हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं होगा। मीटिंग का संचालन करने का अधिकार महामंत्री को प्राप्त होगा।

विधान के अनुसार महामंत्री को मीटिंग का एजेंडा एवं विशिष्ट लोगों को मीटिंग बुलाने का अधिकार अध्यक्ष की सहमति से ही होगा।

पत्रिका संयोजक एवं संपादक का इस्तीफा कार्यकारिणी द्वारा स्वीकार कर लिया गया और जब तक नई व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक पत्रिका का संचालन कार्यवाहक के रूप में किया जाएगा।

इसीलिए पूरी कार्यकारिणी ही इनके बारे में निर्णय ले सकेगी कि इनको रखना है या नहीं।

पत्रिका समाज का दर्पण होती है, और यह एक अलग विभाग है जिसमें मंत्री एवं अध्यक्ष का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। पत्रिका संयोजक का समाज हित में यह दायित्व है कि वह अध्यक्ष, मंत्री या अर्थमंत्री, कार्यकारिणी सदस्य, और जैन समाज के किसी भी व्यक्ति के उत्तम विचारों का सम्मान करे और उन्हें पत्रिका में जगह दे। यदि किसी व्यक्ति के विचार समाज में विषमताएँ फैलाने वाले हों या आपसी राग-द्वेष बढ़ाने वाले हों, या धर्म की अवहेलना करने वाले हों, तो संपादक को उन विचारों को पत्रिका से निकालना चाहिए, ताकि पत्रिका का स्वाभिमान बना रहे और समाज में यह संदेश जाए कि पत्रिका निष्पक्ष रूप से कार्य कर रही है।

श्री महावीर जी की बैठक में जिन पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया, वह असंवैधानिक था। उसमें जिन लोगों को वोट डालने का अधिकार नहीं था, उन्होंने भी वोट डाल दिया, और यह सब कार्य अध्यक्ष एवं महामंत्री की देखरेख में हुआ।
महिला कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती अलका जैन बजाज ने दो-तीन बार पचास सदस्यों की सूची मांगी, जिन्होंने सदन में वोट डाले थे, लेकिन वह सूची आज तक उन्हें नहीं दी गई।

अध्यक्ष जी ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और माला मंत्री जी ने पहनाई, जिससे ऐसा लगता है कि आप दोनों की सहमति थी। सदन में वोट डालने का अधिकार उन्हीं को होगा जिन्होंने सदन में शपथ ली है।

अर्थमंत्री श्री भागचन्द जी जैन ने महामंत्री श्री महेशचन्द जैन की तारीफ की और कहा कि महेश जी ने अपने प्रयासों से एक बैंक में संचालन का अधिकार दिलवाया है। पूर्व मंत्री श्री राजीव रतन जैन ने बैंकों में अपने हस्ताक्षर का ट्रांसफर नहीं किया है, जिससे महासभा के कार्य संचालन में कठिनाई हो रही है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे प्राथमिकता से शीघ्रातिशीघ्र बैंक खातों में हस्ताक्षर ट्रांसफर किए जाएं। अध्यक्ष महोदय को हर मीटिंग में जाना चाहिए और अध्यक्ष एवं मंत्री महोदय को ऐसा सद्भाव बनाना चाहिए जिससे समाज में एक अच्छा संदेश जाए।

अंत में, मेरा अपना विचार है कि महासभा इसलिए बनाई गई थी ताकि हम सब समाज हित की बात कर सकें। थोड़े-बहुत व्यवधान आने पर अध्यक्ष एवं मंत्री आपस में बैठकर समस्याओं को सुलझाएं। यह एक सामाजिक व्यवस्था है, इसमें कटुता भी आती है और उसका हल भी निकाला जाता है। कोट ‘-कचहरी जाने से हल नहीं निकलेगा आपको कोर्ट केस वापिस लेना चाहिए। अध्यक्ष एवं मंत्री आपस में बैठें और सद्भावदनापूर्ण वातावरण बनायें जिससे कार्य सुचारू रूप से चल सके एवं अध्यक्ष एवं मंत्री को अपने विवेक से अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए महासभा में सद्भावना बनाएं इस पर खुले मन से बैठकर पुरानी बातों को भुलाकर दो वर्ष का समय शेष बचा है, ऐसा कार्य करना चाहिए कि लोग एक वर्ष पुरानी बातों को भूल जाएं।
“बीती जाय बिसारिए आगे की सुद ले यद्यपि मैंने सोच समझकर गहन मनन कर यह रिपोर्ट लिखी है, मेरा द्वारा कुछ गलतियाँ हुई हों तो उसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ। मेरा उद्देश्य यही था कि हम सब मिलकर काम करें किसी को नीचा दिखाने की कोशिश नहीं करें। इस संस्था के दस हजार वोटरों ने आप पर विश्वास किया है। आप अकेले चुनकर नहीं आएं हैं आपको उन दस हजार वोटरों का ख्याल रखना होगा जिसकी वजह से आप इतने सम्मानित पद पर विराजमान हैं। मन्दिर में भगवान महावीर स्वामी के सामने यह शपथ लें कि हम एक दूसरों का सम्मान करेंगे एवं समाज हित में कार्य करते रहेंगे।

शिखरचन्द जैन सिंघई
अध्यक्ष (सद्भावना समिति)
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

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