अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की कार्यकारिणी बैठक दिनांक 14.04.2024 को श्री पल्लीवाल जैन भवन, जयपुर में आयोजित की गई। सर्वप्रथम भगवान श्री महावीर स्वामी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन किया गया। मंगल गान के उपरांत महासभा के अध्यक्ष श्री त्रिलोक चन्द जैन, अर्थमंत्री श्री भाग चन्द जैन, सद्भावना समिति के श्री शेखर चन्द जैन (रिटा० आर०ए०एस०), पूर्व महामंत्री श्री श्रीचन्द जैन, श्री रमेश पल्लीवाल, श्री विमल चन्द जैन (महुआ), पूर्व अर्थमंत्री श्री ज्ञान चन्द जैन, श्री अजीत कुमार जैन, एवं पवन जी तिजारा को मंचासीन कर जयपुर शाखा के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन, मंत्री श्री मनोज जैन, एवं समस्त कार्यकारिणी द्वारा मंचासीन सभी व्यक्तियों एवं उपस्थित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके उपरांत विधिवत बैठक का प्रारम्भ किया गया। अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि 15 कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित हुए हैं और चार सदस्यों की दूरभाष एवं व्हाट्सएप पर स्वीकृति प्राप्त हुई है, कुल सदस्य संख्या 52 है। उपस्थित सदस्यों के हिसाब से कोरम पूर्ण नहीं है, अतः बैठक को 1 घंटे के लिए स्थगित किया गया।
एक घंटे के उपरांत बैठक पुनः प्रारम्भ की गई। अध्यक्ष द्वारा महामंत्री के उपस्थित न होने के कारण जयपुर शाखा के पूर्व मंत्री श्री पारस चन्द जैन, खेरली को बैठक के संचालन हेतु अधिकृत किया गया।
1. गत बैठक के कार्यवाही विवरण का पठन एवं अनुमोदन** – दिनांक 28.01.2024 को अलवर में आयोजित कार्यकारिणी की सद्भावना बैठक का कार्यवाही विवरण का पठन किया गया, जिसका अनुमोदन सर्वसम्मति से किया गया।
2. महासभा की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श – अध्यक्ष महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में महासभा को गुटबाजी में फंसा दिया गया है। महावीर जी की बैठक में उनके विरोध के बावजूद 40 उपस्थित कार्यकारिणी सदस्यों के स्थान पर 50 वोट डलवाए गए, और उन्हें भी वोट नहीं डालने दिया गया। कार्यकारिणी सदस्य श्री महावीर प्रसाद जी महुआ द्वारा मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी गई, जो उन्हें नहीं दी गई। महामंत्री द्वारा बैठक बुलाने के लिए पत्र भेजा गया, जिसका उत्तर उन्होंने दिया तथा दिनांक 14.04.2024 को जयपुर में बैठक आयोजित करने हेतु लिखा, एवं बैठक का एजेंडा भी भिजवाया गया। लेकिन महामंत्री द्वारा अपनी मनमानी करते हुए व्हाट्सएप पर 12 मई 2024 को बैठक आयोजित करने का संदेश डाला गया, जो कि विधि सम्मत नहीं था। इस लिए अध्यक्ष द्वारा दिनांक 14.04.2024 को जयपुर में बैठक का आयोजन किया गया, तथा महामंत्री सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों को दूरभाष द्वारा व्यक्तिगत सूचित किया गया एवं ज्यादातर सदस्यों द्वारा बैठक में आने की सहमति दी गई। अध्यक्ष द्वारा भावुक होकर कहा गया कि मैं आपसे से पूछना चाहता हूँ कि मेरी गलती कहाँ है। मैं पूरी कार्यकारिणी को साथ लेकर चलना चाहता हूँ। मेरे दिल में समाज हित के कार्य करने की अभिलाषा है। मैं तन, मन, धन से समाज सेवा करना चाहता हूँ। लेकिन मुझे दुःख है कि कुछ लोगों के वजह से महासभा का विघटन हो रहा है तथा कार्यकारिणी सदस्य भी गुटबाजी में फंसे हुए है। मैं सदन से अपील करता हूँ कि मेरा मार्गदर्शन करे कि भविष्य में हमें क्या करना चाहिए। कृपया सभी बारी-बारी से अपने विचार प्रकट करे-
1. श्री महावीर प्रसाद जौरा – यह सब इसलिये हो रहा है कि महामंत्री द्वारा विधान का पालन नहीं किया जा रहा है। विधान में अध्यक्ष एवं महामंत्री की अलग-अलग भूमिका निर्धारित है। महामंत्री द्वारा गुटबाजी को बढ़ावा दिया जा रहा है, सदस्यों को बैठक में आने से रोका जा रहा है, इसकी निंदा की जानी चाहिए, इससे समाज का भला नहीं होगा। हमें प्रतिनिधि मंडल की बैठक बुलानी चाहिए तथा समस्त परिस्थितियों से समाज को अवगत कराया जाना चाहिए। आगामी तीन माह में प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित करने हेतु हमें आज ही प्रस्ताव पारित करना चाहिए।
2. श्रीमती सुनीता जैन भरतपुर – अध्यक्ष महोदय आपने चुनाव के समय समाज के सामने वादे किये हैं, उनका पूरा करना आपका कर्तव्य है, अब यह बहाना नहीं चलेगा कि महामंत्री मेरी सुनते नहीं हैं। आपको आज निर्णय लेना होगा। कार्यकारिणी सदस्य आपके साथ हैं, आप कार्य करें, आपके साथ कारवां जुड़ता चला जाएगा।
3. श्री महावीर प्रसाद जी महुआ – अध्यक्ष महोदय आपको ज्यादा से ज्यादा दौरे करने चाहिए, आप प्रत्येक कार्यकारिणी सदस्य से व्यक्तिगत मिले, अपनी बात रखें, हमारी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, हमारा विरोध महामंत्री द्वारा गत बैठकों में, जो प्रक्रिया अपनाई गई उससे है।
4. श्री पदम जी मुरैना – अध्यक्ष महोदय कुछ करना है, तो आगे बढ़िए, अब इंतजार करना सही नहीं, अब कार्य करने का समय है, हम भी चुनकर आए हैं, जो भी फैसला करना है, शीघ्र करें, हम आपके साथ हैं।
5. श्री चंचल जैन, अलवर – अध्यक्ष महोदय आप निर्णय लें एवं आगे बढ़ें, उपस्थित कार्यकारिणी सदस्य आपके साथ हैं, अब इंतजार न करें, आप कार्य करें, अगली बैठक में 30 कार्यकारिणी सदस्य होंगे।
6. श्री पवन जैन (तिजारा), जयपुर – मैं सुनीता जी की बात का समर्थन करता हूँ। आप अध्यक्ष हैं, आपको समाज ने चुना है। मैं उनकी निंदा करता हूँ कि जिन्होंने यह कहा कि अध्यक्ष को मीटिंग बुलाने का अधिकार नहीं है। आप सारे पदों का चुनाव आज ही कराएं तथा विवाह सम्मेलन कराएं। प्रतिनिधि सम्मेलन होना चाहिए। श्री पल्लीवाल जैन पत्रिका में अध्यक्ष के कहने पर छापते नहीं हैं, अलवर बैठक का कार्यवाही विवरण छापा नहीं गया, जो निंदनीय है। महामंत्री द्वारा विधवा सहायता में कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है, अध्यक्ष एवं अर्थमंत्री द्वारा समाज के लोगों से सम्पर्क कर राशि एकत्रित कर विधवा सहायता चलाई जा रही है। पत्रिका के संबंध में भी आज ही निर्णय लेना चाहिए।
श्री रमेश पल्लीवाल पूर्व महामंत्री – बड़े ही खेद का विषय है कि जिस महासभा का गठन समाज को संगठित करने के लिए किया गया आज उसी महासभा को एक करने हेतु प्रयास किए जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। आपको समाज हित में विधान अनुसार कोई कठोर निर्णय भी लेना पड़े तो लेना चाहिए। प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय तो आज ही लेना चाहिए।
श्री जगदीश जैन, भरतपुर ग्रामीण – अध्यक्ष महोदय आप सुस्त नहीं रहे, अलवर मीटिंग में पत्रिका संयोजक की नियुक्ति की गई, पूर्व संयोजक द्वारा अब तक कार्यभार क्यों नहीं दिया गया। आम सभा बुलाई जाने का निर्णय किया जाना चाहिए।
श्री सुरेश चंद जैन (परवैणी) – अध्यक्ष महोदय आप जोश को बरकरार रखें। महामंत्री साथ हो या नहीं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। एक दो बड़े कार्य करें, समाज आपके साथ है।
श्री मुकेश चंद जैन (अलीपुर) जयपुर – अध्यक्ष महोदय अब आगे बढ़ने का समय है, आज ही कुछ बड़े निर्णय लें, एवं उसी के अनुसार आगे कार्य करें।
श्री मुकेश जैन भगत, आगरा – अध्यक्ष महोदय को विधान द्वारा प्रदत्त अपने अधिकारों का सदुपयोग कर आगे की कार्य योजना तैयार करनी होगी। एवं कार्य करने होंगे, समाज आपके साथ है।
श्री आशीष जैन, मुरैना – आप महासभा के अध्यक्ष हैं, आप योजना बनाएं, एवं शाखाओं को जोड़कर उनकी क्रियान्वति कराएं।
श्री वी० के० जैन, अध्यक्ष अलवर, शाखा – पूर्व पत्रिका संयोजक द्वारा अभी तक कार्यभार नये संयोजक श्री राजेंद्र कुमार जैन को नहीं दिया गया। पूर्व संयोजक को बर्खास्त किया जाए, एवं पत्रिका पूरा संपादक मंडल बदला जाए। प्रतिनिधि सम्मेलन करने का निर्णय लिया जाए। यदि प्रतिनिधि सम्मेलन अलवर में किया जाता है, तो मैं ₹21,000/- देने की घोषणा करता हूँ।
श्री अजीत कुमार जैन पूर्व अर्थमंत्री महासभा – महासभा में गतिरोध समाज के लिए अच्छा नहीं है। प्रतिनिधि सम्मेलन बुलाना चाहिए तथा कार्य योजना तैयार कर कार्य करना चाहिए।
अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव रखा गया कि आगामी तीन माह बाद प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया जाए तथा उसका एजेंडा निम्नलिखित रखा जाए –
विवाह योग्य लड़के एवं लड़कियों को परिचय सम्मेलन
महासभा में चल रहे गतिरोध के संबंध में विचार विमर्श
उक्त प्रस्ताव को कार्यकारिणी द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अध्यक्ष महोदय द्वारा निम्न कार्य योजना प्रस्तुत की गई-
1. आर्थिक रूप से कमजोर मेघावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
2. विकलांग/वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सहायता करना।
3. विधवा सहायता को जारी रखना, उनका सत्यापन करना। सत्यापन हेतु सूची सभी शाखाओं एवं कार्यकारिणी सदस्यों को भिजवाई जाएगी। अध्यक्ष द्वारा निवेदन किया गया कि जो देने योग्य है, वो समाज का अवश्य देवें एवं जो लेने योग्य है वहीं लेवे।
अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि अलवर मीटिंग में महावीर जी की बैठक में लिये गये निर्णयों को निरस्त कर दिया गया। पत्रिका संयोजक श्री चंद्रशेखर द्वारा सदभावना कमेटी की रिपोर्ट पत्रिका में नहीं छापी गई, ना ही उनके द्वारा अभी तक नये संयोजक श्री राजेंद्र कुमार जी को चार्ज दिया गया।
अर्थमंत्री श्री भाग चंद जैन द्वारा अवगत कराया गया कि महासभा के 6 खाते हैं, पूर्व महामंत्री श्री राजीव रतन द्वारा खाते अभी तक हस्तांतरित नहीं करवाए गए, उन्होंने अभी तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इनमें से एक खाता हमारे द्वारा प्रशासनिक स्तर पर जानकारी होने से प्रयास कर हस्तांतरित कर चालू करवाया गया है, जिससे विधवा सहायता दी जा रही है।
अध्यक्ष महोदय द्वारा पदों के मनोनयन का प्रस्ताव रखा गया। कार्यकारिणी द्वारा सर्वसम्मति से निम्नलिखित पदों का मनोनयन किया गया:
अंतिम अध्यक्ष / महामंत्री:
1. श्री शरद जैन, नागपुर
2. श्री मगन कुमार जैन, अलवर
अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि श्री शरद जैन, नागपुर चुनकर आ गए हैं, अतः इस रिक्त पर समाज सेवा के आधार पर दो की जगह तीन सदस्यों को मनोनयन किया जाए। समाज सेवा के आधार पर निम्न सदस्यों का मनोनयन किया गया:
1. श्री पवन जैन (तिजारा), जयपुर
2. श्री रविंद्र कुमार जैन, आगरा
3. श्री अनिल जैन बाग वाले, अलवर
विवाह संयोजक: – श्री आशीष जैन, मुरैना
अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि अलवर मीटिंग में श्री पी०सी० जैन को ही संपादक रखा गया, लेकिन वह मीटिंग में नहीं आए, एवं न ही सहयोग कर रहे हैं। कार्यकारिणी द्वारा उनके स्थान पर नये पत्रिका संपादक मनोनयन हेतु श्री रमेश पल्लीवाल, जयपुर के नाम का अनुमोदन सर्वसम्मति से किया गया। साथ ही सह-संपादक श्री संजय जैन, जयपुर एवं अर्थ संयोजक श्री अजय जैन, जयपुर के नाम का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
महासभा के विभिन्न पदों पर निम्नानुसार सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया-
वरिष्ठ उपाध्यक्ष – श्री महावीर प्रसाद जौरा
उपाध्यक्ष – श्री राकेश बजाज, आगरा एवं श्री नवीन जैन
उपाध्यक्ष (महिला) – श्रीमती सुनीता जैन, भरतपुर
संयुक्त महामंत्री – श्री चंचल जैन, अलवर
क्षैत्रीय संगठन मंत्री –
श्री सुशील जैन (बंटी), हिण्डौन (राजस्थान)
पदम जैन, मुरैना (मध्य प्रदेश)
श्री मुकेश जी भगत, आगरा को महासभा के लेखों के लिए ऑडिटर मनोनीत किया गया।
अंत में अध्यक्ष द्वारा जयपुर शाखा एवं समस्त कार्यकारिणी एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों को आभार प्रकट करते हुए बैठक समाप्त करने की घोषणा की गई।