जैन धर्म की आध्यात्मिक परंपरा में नवकार महामंत्र का स्थान सर्वोच्च और सर्वमान्य है। यह मंत्र केवल जैन समाज तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए शांति, समता और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी महान संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विश्व नवकार महामंत्र दिवस मनाया जाता है।
नवकार महामंत्र की विशेषता यह है कि इसमें किसी व्यक्ति, देवता या विशेष संप्रदाय का उल्लेख नहीं है, बल्कि यह पाँच परमेष्ठियों—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु—को नमस्कार करता है। यह नमस्कार ही आत्मा को विनम्रता, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
“णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं…”
इन पवित्र शब्दों का उच्चारण मन, वचन और काया को शुद्ध करता है तथा जीवन में संयम और सदाचार की प्रेरणा देता है।
आज के भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवन में नवकार महामंत्र एक आध्यात्मिक औषधि के समान है। इसका नियमित जाप मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी मंत्रोच्चारण के कंपन (vibrations) मन और मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
दिनांक 9 अप्रैल को JITO के आवाह्न पर १०० से अधिक देशों में विश्व नवकार महामंत्र दिवस का आयोजन किया जिसमे १० करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी रही।

इस अवसर पर देश भर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक जाप, ध्यान, प्रवचन एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन बड़े स्तर पर किया गया। दिल्ली में जीतो द्वारा विज्ञान भवन में बड़ा कार्यक्रम हुआ जिसमे देश के गृह मंत्री श्री अमित शाह सहित राष्ट्रीय स्तर के अनेक नेता शामिल हुए। जयपुर लगभग सभी क्षेत्रों के जैन मंदिरों एवं अनेक सामाजिक भवनों पर आयोजन हुआ। मुख्य आयोजन मालवीयनगर स्थित अणुविभा केंद्र पर जीतो द्वारा आयोजित किया गया जिसमे अनेक मुनि एवं संतों की उपस्थिति में हजारों की संख्या में समाज के लोगों की भागीदारी रही। इस अवसर पर जयपुर में पल्लीवाल भवन, शक्तिनगर पल्लीवाल जैन मंदिर सहित अनेक स्थानों पर पल्लीवाल समाज की बढ़ चढ़ कर भागीदारी रही। जयपुर के अलावा प्रदेश के अलवर , कठूमर, बिचगांव, महवा, हिंडौन, ढहरा मोड़ नदबई सहित अनेक जगह एवं पालम देहली आगरा मुरैना इंदौर आदि शहरों में सामूहिक जाप किया गया। इसका उद्देश्य केवल अनुष्ठान तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में अहिंसा, मैत्री, क्षमा और सह-अस्तित्व जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करना है।
यह दिन हमें यह भी स्मरण कराता है कि सच्चा धर्म बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि अपने आचरण में होता है। यदि हम नवकार महामंत्र के भावों को अपने जीवन में उतारें—अहंकार त्यागें, दूसरों का सम्मान करें, और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलें—तो समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है।

विश्व कल्याण एवं विश्व शांति हेतु महामंगलकारी नवकार महामंत्र का समारोह पूर्वक प्रातः 8:00 बजे से 10:00 बजे तक श्री सम्भवनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर बिचगांवा में सामूहिक नवकार महामंत्र का जाप बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह पूर्वक किया गया।

“विश्व णमोकार महामंत्र दिवस” पर देशी गौमाता तीर्थ धाम, राजस्थान गौ सेवा संघ स्थित गौसेवा आध्यात्मिक भवन में गौ माता सेवार्थ ग्रुप एवं णमोकार ग्रुप दुर्गापुरा जयपुर द्वारा जोर शोर से आयोजित किया गया। जयपुर के प्रबुद्ध व प्रतिष्ठित भाइयों बहनों द्वारा *णमोकार मंत्र के उच्चारण एवं भजनों के साथ, भगवान महावीर के जियो और जीने दो का संदेश देते हुए णमोकार दिवस संपन्न हुआ।



9 अप्रैल को विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष्य में महिला मंडल शाखा जयपुर द्वारा नवकार महामंत्र का जाप विधिवत सम्पन्न किया गया।

विश्व नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष्य में वीर सेवा संस्थान ने श्री लब्धि विक्रम राजयशसूरी श्वेतांबर जैन गौशाला ढ़हरा मोड़, नदबई पर जीवदया कार्य में गौवंश को 2 क्विंटल से अधिक हरी व ताजा सब्जी, गुड़ आदि ढ़हरा मोड व झील में बंदरों के लिए 100 Kg से अधिक केले खिलाये गए।


9 अप्रैल गुरुवार 2026 को अंतरराष्ट्रीय नवकार महामंत्र दिवस के उपलक्ष में आराधना भवन महवा विश्व कल्याण हेतु महामंगल कारी नवकार महामंत्र का जाप समारोह पूर्वक किया गया !!