जिन्दगी शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
मेहनत शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
राह चुनी है सबसे मुश्किल ।
और पहुँचना है सबसे पहले।
चाहे सोये हो हम रात गये।
पर उठना है सबसे पहले।
जीना शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
मेहनत शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
हर तूफान से हम टकरायेंगे हँस-हँस कर।
हर इन्सान से मिलेंगे हम, झुक-झुक कर ।
बन्दगी शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
मेहनत शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
मेहनत से यारों हमने मंजिलें पाई है क्या क्या।
मुहब्बत में यारों हमने दुनियां लुटाई है क्या क्या।
संभलना शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
मेहनत शुरू करेंगे हम, फिर नये सिरे से ।
धरम चन्द जैन
अलवर