अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा के समस्त पदाधिकारियों एवं सामजिक बंधुओं को सादर जय जिनेन्द्र
1. हमारा जैन समाज अहिंसा, प्रेम और एकता का प्रतीक है और आज समय की माँग है कि हम सब एक मंच पर आएँ।
2. महासभा के बीच चल रहे आपसी मतभेदों को भुलाकर, हमें समाज को जोड़ने का संकल्प लेना होगा, तोड़ने का नहीं।
3. मेरा सभी समाजजनो से विनम्र निवेदन है कि चुनाव की तैयारी पारदर्शिता और भाईचारे के साथ की जाए, ताकि हर वर्ग की आवाज़ सुनी जाए।
4. यदि किसी के मान-सम्मान को ठेस पहुँची है, तो आइए एक साथ बैठकर, मन के शिकवे-गिले दूर करें और क्षमा भाव से आगे बढ़ें।
5. जैन समाज का हित सर्वोपरि है — पद नहीं, सेवा भाव और संगठन ही हमारी पहचान बननी चाहिए।
6. चुनाव केवल पद की लड़ाई न हो, बल्कि समाज के कामों को नई दिशा देने का अवसर बने।
7. गुटबाजी छोड़कर, ‘महुआ’ मीटिंग में पधारने की कृपा करें सब एक डाली पर इकट्ठा हों और समाज रूपी वृक्ष को मजबूत करें।
8 आइए, भेदभाव की दीवार गिराकर एकता का सेतु बनाएँ, ताकि आने वाली पीढ़ी हम पर गर्व करे।
10. सभी समाज बंधुओं से निवेदन है: मतभेद मिटाएँ, मनभेद मिटाएँ, और महासभा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ।
एकता में ही शक्ति है, संगठन में ही प्रगति है।
मिच्छामि दुक्कडम् — यदि मेरे शब्दों से कोई ठेस पहुँची हो।
यदि आप सभी चाहते है कि महासभा में विघटन नही हो तो आप से अनुरोध है कि आप 28 जून 2026 को महुआ मीटिंग 10.15 बजे अवश्य पधारने का कष्ट करें।
श्री त्रिलोकचंद जैन
अध्यक्ष
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा