अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की साधारण सभा, प्रतिनिधि सम्मेलन एवं कार्यकारिणी की बैठक रविवार, दिनांक 28/06/2026 को प्रातः 10:15 बजे श्री श्वेतांबर जैन धर्मशाला, महुआ में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री त्रिलोक चंद जी जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में सर्वप्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, अर्थमंत्री एवं पदाधिकारियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया। उसके पश्चात महुआ संघ के सदस्यों द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत कर बैठक का शुभारंभ किया गया। महुआ संघ द्वारा महासभा के सभी पदाधिकारियों को मंचासीन कर उनका तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया गया। साथ ही सभी उपस्थित सदस्यों का भी तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर स्वागत व सम्मान किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुमति से विधिवत बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की गई।
बैठक के प्रारंभ में राष्ट्रीय महामंत्री द्वारा सुंदर व्यवस्था के लिए महुआ संघ और पधारे हुए सभी महानुभाव का आभार व्यक्त किया। बैठक के एजेंडे अनुसार सर्वप्रथम(पिछली) बैठक का कार्यवाही विवरण पढ़ कर सुनाया गया जिसे सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया और कहा गत मीटिंग में सदन के द्वारा पूर्व महामंत्री श्री अशोक कुमार जी जैन आगरा वालों को समझौता वार्ता के लिए अधिकृत किया गया था लेकिन किसी कारणवश आज सदन में उपस्थित नहीं है उन्होंने समझौते के बारे में जो वार्ता हुई उसका अपडेट व्हाट्सएप के माध्यम से मुझे भेजा है-
माननीय श्री त्रिलोक चंद जी जैन साहब
अध्यक्ष
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा
मान्यवर,सादर जय जिनेन्द्र।
महोदय आपने,आपकी कार्यकारणी तथा समाज के प्रबुद्ध जनों ने भरतपुर में आहूत बैठक में मुझे महासभा के गतिरोध को दूर कर समन्वय एवं सोहार्द बनाने में अपनी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी थी। पल्लीवाल जैन समाज से संबंधित होने के नाते मैंने भरतपुर में उपस्थित सभी महानुभावों को आश्वस्त किया था कि मैं महासभा के सभी गतिरोधों को समाप्त कराने एवं पुनः सकारात्मक सोहार्द क़ायम कराने का पूरा प्रयास करुंगा।
मुझे खेद हे कि मैं अपने प्रयासों में सफल नहीं हो सका। मुझे भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री देवकीनंदन जी जैन ने आश्वस्त किया था कि जल्द से जल्द महासभा के सभी गतिरोधों को दूर कर, महासभा के समय पर विधानानुसार नये चुनाव करवाए जाएंगे। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया था कि महासभा एक रहेगी,उसका विघटन नहीं होगा।
श्रीमान देवकीनंदन जी समाज के बरिष्ठ समाज सेवक हैं। वे अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा के सबसे लम्बे समय तक अध्यक्ष रहे हैं। उनके भरोसे भरे आश्वासन पर मैरे जेसा साधारण व्यक्ति अविश्वास नहीं कर सकता।
मैंने महासभा के निर्वाचित महामंत्री श्री महेश जैन एवं अलवर के समाज सेवी श्री पवन चौधरी से वार्ता करने के बाद ही आदरणीय श्री देवकीनंदन जी से बात शुरू की थी।
महोदय, में शर्मिंदा हूं, मुझे खेद भी हे, कि मैं महासभा में समन्वय एवं सोहार्द बनाए रखने के अपने प्रयासों में सफल नहीं हो सका।
मैं, अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा के मुखपत्र श्री पल्लीवाल जैन पत्रिका का बहुत गम्भीर पाठक हूं। मुझे उसमें प्रकाशित सामग्री से ऐसा अहसास हुआ कि श्री महेश जैन और उनसे संबंध महानुभाव महासभा में समन्वय के प्रयासों के प्रति गंभीर नहीं है।
मेरे प्रयास तो असफल हुए उसका मुझे खेद रहेगा।
में आशा करता हूं कि अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की अखंडता एवं एकरुपता बनी रहे इसके लिए आप स्वयं प्रयासरत रहेंगे।
धन्यवाद सहित
अशोक कुमार जैन
2बी रामद्वारा कालोनी महावीर नगर जयपुर
आज महासभा की साधारण सभा, प्रतिनिधि सम्मेलन एवं केन्द्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है जिसका मुख्य एजेंडा महासभा के आगामी कार्यकाल 2026–2029 हेतु निर्वाचन कार्यक्रम पर विचार-विमर्श कर चुनाव की तिथि एवं स्थान निर्धारित करना है निर्वाचन संबंधी लगभग सभी तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं सिर्फ चुनाव की तिथि एवं स्थान की घोषणा शेष है। किन्तु घोषणा से पूर्व आपके समक्ष एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय रखना चाहता हूँ पिछले कुछ दिनों से महासभा के दोनों पक्षों के मध्य सामाजिक सौहार्द, समरसता एवं संगठन की एकता को ध्यान में रखते हुए आपसी समझौते के प्रयास चल रहे हैं। इसलिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पूर्व इस समझौते के संबंध में आमसभा की राय प्राप्त करना अधिक उचित एवं समाजहित में होगा।
इस संबंध में दोनों पक्षों के मध्य वार्ता प्रारम्भ हुई, जिसमें दूसरे पक्ष की ओर से श्री अशोक कुमार जैन, नौगांवा एवं श्री ओमप्रकाश जैन, एडवोकेट, जयपुर को अधिकृत किया गया। वहीं अपने पक्ष की ओर से श्री राजेन्द्र कुमार जैन, लक्ष्मणगढ़ एवं श्री महावीर प्रसाद जैन (सेवानिवृत्त निदेशक, सांख्यिकी) को प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। दोनों पक्षों की सहमति से सेवानिवृत्त आर.ए.एस. अधिकारी आदरणीय श्री अशोक कुमार जैन की अध्यक्षता में पाँच सदस्यीय निर्वाचन संचालन समिति का गठन किया गया, जिसे समझौता वार्ता एवं आगामी निर्वाचन की रूपरेखा तैयार करने हेतु अधिकृत किया गया।
विगत तीन-चार दिनों से समिति द्वारा निरन्तर सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विचार-विमर्श किया जा रहा है। आज की बैठक में समिति के सदस्य श्री महावीर प्रसाद जैन एवं श्री राजेन्द्र कुमार जैन उपस्थित हैं, जो अब तक हुई प्रगति से सदन को अवगत कराएँगे।
श्री राजेन्द्र कुमार जैन (लक्ष्मणगढ़) ने दोनों पक्षों के मध्य हुई वार्ताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों पर बनी सहमति को लिखित रूप देते हुए एक विस्तृत समझौता-पत्र (Memorandum of Settlement) तैयार किया गया है। उक्त समझौता-पत्र पर समिति के सभी सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर किए जा चुके हैं तथा अब दोनों पक्षों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर शेष हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पदाधिकारियों के हस्ताक्षर करवाने का दायित्व भी समिति को ही सौंपा गया है। तत्पश्चात उन्होंने संपूर्ण समझौता-पत्र सदन के समक्ष पढ़कर सुनाया तथा विचारार्थ सभा के पटल पर प्रस्तुत किया।
महामंत्री जी द्वारा समझौता-पत्र पर उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा अपने सुझाव एवं विचार व्यक्त किए जाने के लिए कहा गया।
श्री निर्मल कुमार जैन (आगरा) – चुनाव को एक साथ कराने के विचार की सराहना की, और इसे राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान में उठाया गया एक बहुत अच्छा कदम बताया। अध्यक्ष महोदय के द्वारा आज की आम सभा के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जो सारे गिले शिकवे दूर करने के लिए जो अपील की गई थी बहुत ही सराहनीय थी।
श्री महावीर जैन, एडवोकेट (मथुरा)– उन्होंने सुझाव दिया कि समझौता वार्ता के साथ ही चुनाव की घोषणा की जानी चाहिए। अलग से चुनाव की घोषणा करना उचित नहीं होगा। यदि किसी कारण वश समझौता नहीं होता है तो उस पर भी चर्चा करना जरूरी है।
श्री मगनचंद जी जैन अलवर -उन्होंने सुझाव दिया कि समझौता वार्ता जारी रखी जाए पत्रिका में सभी निर्वाचित सदस्यों के नाम लिखे जाए लेकिन समझौता पत्र पर हस्ताक्षर अभी तक नहीं हुए हैं, अभी शायद ही कुछ चल रहा है अतः चुनाव की तिथि की घोषणा आज ही की जाए। इसके लिए बार-बार मीटिंग नहीं बुला सकते , समझौता संपन्न होने पर चुनाव संचालन समिति द्वारा अंतिम घोषणा की जाएगी। स्थान और तिथि आज ही तय की जाए। नहीं तो मीटिंग बुलाने का कोई औचित्य नहीं है।
श्री एम पी जैन साहब-उन्होंने समझौता वार्ता के बिंदुओं पर विस्तृत रूप से अपने विचार रखे उन्होंने पत्रिका के बारे में स्पष्ट किया दोनों पक्षों के नाम पत्रिका में नहीं आएंगे यह सारे बिंदु आपस में विचार विमर्श करने के बाद ही पूर्ण किए गए उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष के छ: पदाधिकारी के हस्ताक्षर होने के बाद, चुनाव संचालन समिति का निर्णय दोनों पक्षों को मान्य होगा।
श्री टीकम चंद जैन कंजोली मेरी समझ में यह नहीं आ रहा की त्रिलोकचंद जी अध्यक्ष बने भागचंद जी अर्थ मंत्री बने इस पल्लीवाल जैन पत्रिका में उनके नाम क्यों नहीं आ रहे पत्रिका में लिखा है कि त्रिलोक जी समाज को तोड़ना चाह रहे हैं मैं पूछना चाहता हूं कि दूसरा पक्ष क्या समाज को जोड़ने में लगा है यह समाज का क्या हाल हो रहा है
श्री मुकेश जी (अलीपुर)– समझौता हो जाए तो बहुत अच्छी बात है लेकिन जिस वजह से मीटिंग रखी गई और आम सभा बुलाई गई इसका निर्णय आज ही होना चाहिए आज ही महुआ में चुनाव की तिथि एवं स्थल का निर्णय किया जाए। उन्होंने कहा कि समझौते का होना या न होना भविष्य की बात है, इसलिए निर्णय आज ही हो।
श्री अनिल जी बाग़ वाले अलवर– समाज को कौन तोड़ रहा है कौन जोड़ रहा है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है उन्होंने सुझाव दिया कि समाज को सदैव एक रहना चाहिए। जो भी कार्य किया जाए वैधानिक रूप से किया जाए समझौता होना चाहिए जो निर्णय होगा समिति को उन शर्तों की पालना करनी होगी
श्री अशोक कुमार जी जैन एल आई सी वाले समझौते की बात उठाई समझौते को मैंने ध्यानपूर्वक सुना निश्चित रूप से प्रत्येक बिंदु ध्यान में रखते हुए यह समझौता बनाया गया है दो कदम हम आगे बढ़ेंगे एक कदम वह बढ़ेंगे निश्चित रूप से मिलाप होगा समिति के चारों सदस्यों ने हस्ताक्षर कर दिए यह बहुत अच्छी बात है 3 साल निकल चुके । समझौते पर हमें प्रयास करना चाहिए।
श्री राजेंद्र कुमार जी जैन कोटा– समझौता बहुत अच्छा है यदि किसी कारण वाश समझौते पर पदाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हो पाते हैं तो हमें कोशिश करनी चाहिए लेकिन अभी चुनाव का निर्णय नहीं ले अन्यथा विकट स्थिति पैदा हो जाएगी।
श्री संजय जैन अलीपुर शाखा मंत्री जयपुर– सभी की भावना है कि समझौता हो जाए और यह निश्चित रूप से महासभा एवं समाज के हित में रहेगा एक कदम की दूरी है हस्ताक्षर होते ही समझौता हो जाएगा यदि समझौता नहीं होता तो दूसरा विकल्प क्या है उन्होंने 1 साल बढ़ा दिया हमें भी एक कमेटी बना दी देनी चाहिए और उसको पावर दे दी जाए की 6 माह के अंदर अंदर चुनाव करा दिया जाए क्योंकि बार-बार मीटिंग नहीं बुलाई जाती। जिससे टाइम खराब नहीं होगा।
श्री नरेंद्र जी रामगढ़– इस समझौते को सकारात्मक सोच की पहल बताते हुए कविता के माध्यम से उन्होंने अपनी बात कही हम समाज को तोड़ने वालों में से नहीं है हम जोड़ने वालों में से है यदि समझौता नहीं होता है तो एक कमेटी बना दे और आगे की कार्यवाही वहीं करें।
श्री मगन जी अलवर -सदन नहीं चाहता कि समझौता पूरा नहीं हो लेकिन अभी संभावना है अगर समझौता नहीं होता है, आगे एक ही विकल्प रह जाता है चुनाव, हमेशा त्रिलोक जी की तरफ से समझौते की पहल हुई है हम कभी समाज को तोड़ना नहीं चाहते। लेकिन बार-बार मीटिंग नहीं बुलाई जाती इतनी दूर-दूर से लोग आते हैं इसलिए सदन को निर्णय लेना चाहिए।
श्री पदमचंद जी, एडवोकेट (मुरैना): उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव होने से पहले समझौता होना चाहिए, परंतु आज ही चुनाव की तिथि एवं स्थल पर अंतिम निर्णय ले लिया जाना चाहिए।
श्री सुभाष जी देहली समझौते की बात चल रही है और बहुत अच्छी बात चल रही है लेकिन इन समझौते के दौरान कोई भी ऐसी बात नहीं होनी चाहिए जिस तरह से महेश जी ने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक पत्र डाला और लोगों को आम सभा में आने से रोका । क्योंकि इस तरह का संवाद समझौते पर असर डाल सकता है।
श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन पालम शाखा अध्यक्ष: उन्होंने सुझाव दिया कि समझौता विधिवत रूप से सफल होना चाहिए। समझौता होना ही सबसे सही कदम होगा।
श्रीमती सुनीता जी जैन भरतपुर:- बिना समझौते की स्थिति विकट होने वाली होगी क्योंकि जो माहौल बना हुआ है समाज के लिए अच्छा नहीं है, समझौता होता है तो सबसे अच्छी बात है, परंतु यदि ऐसा नहीं होता है, चुनाव की तिथि एवं स्थल का निर्णय कर लिया जाना चाहिए। समझौते का प्रयास जारी रहना चाहिए और समाज में एकता बनी रहनी चाहिए। एक कदम वह चलें दो कदम हम चले।
श्री विमल जी पूर्व महामंत्री उन्होंने बताया कि समझौता पत्र पर हस्ताक्षर की एक निश्चित समय-सीमा होनी चाहिए। पूरे सदन को इसकी अनुमोदना करनी चाहिए मैं व्यक्तिगत रूप से करता हूं यदि तय समय-सीमा के भीतर समझौता नहीं होता है, तो चुनाव की तिथि, स्थल एवं चुनाव अधिकारी की घोषणा की जानी चाहिए। विधिवत रूप से महासभा का कार्यकाल 23 जनवरी 2026 को समाप्त हो जाता है तो इसे भी 1 साल तक बढ़ाया जावे और सदन इसकी अनुमोदना करें।
श्री रमेश जी पल्लीवाल पूर्व महामंत्री: सबसे पहले हमें विधान अनुसार वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 1 साल तक बढ़ाया जाना चाहिए। क्योंकि महासभा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
सदन में कार्यकाल के लिए विचार विमर्श उपरांत सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया विधान अनुसार जब तक चुनाव नहीं होता जब तक यह कार्यकाल को वैध माना जाएगा
श्री चंद जी पूर्व महामंत्री द्वारा एक संदेश आया है जो मैं आपके सदन के समक्ष रखने जा रहा हूं….
आज हो रहे महासभा के इस प्रतिनिधि सम्मेलन में अस्वस्थ होने के कारण मैं उपस्थित नहीं हो सका हूं इसका मुझे दुःख है। मैं अपनी बात आप के बीच में उपस्थित हो कर नहीं कह पा रहा हूं इसका मुझे बहुत अफसोस है।
आज हो रहा यह सम्मेलन बडा ही महत्वपूर्ण है। यह समाज की दिशा निर्धारित करेगा।मेरा आप सभी से यहीं विनम्र अनुरोध है कि आप सभी ऐसा निर्णय ले जिससे महासभा रूपी हमारा यह संगठन मजबूत और सशक्त बना रहे। समाज में एकता, और भाईचारा कायम रहे। एक दूसरे का सम्मान करें। महासभा निर्विवाद रूप से प्रगति के पथ पर निरंतर चलती रहें।
हम ऐसा कोई निर्णय नहीं ले जो महासभा को एकता में बाधक बन जाएं और समाज आप पर दोषारोपण करें कि यह लोग समाज और महासभा की एकता में बाधक बने, इन्होंने समझौता नहीं होने दिया।
जैसा कि जानकारी में आया है पिछले २-३ दिनों से महासभा में दोनों पक्षों में एकता के सकारात्मक प्रयास चल रहे हैं, इन प्रयासों से महासभा के एक साथ चुनाव कराने पर समझौता होने की उम्मीद बन रही है, इस उम्मीद को सफल बनाने का निर्णय अध्यक्ष जी और सदन का सम्मान करते हुए करें। एक साथ चुनाव होने के बाद निश्चित रूप से महासभा मजबूत होगी और प्रगति के पथ पर अग्रसर होंगी।
विस्तृत चर्चा के उपरान्त उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि महासभा का वर्तमान कार्यकाल पूर्ण हो चुका है तथा समाजहित में दोनों पक्षों को आपसी सहयोग एवं सौहार्द के साथ निर्वाचन सम्पन्न कराना चाहिए, जिससे समाज में एकता, विश्वास एवं समरसता का वातावरण सुदृढ़ हो तथा सम्पूर्ण समाज में सकारात्मक संदेश पहुँचे।
सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिए गए—
1.समझौता-पत्र पर दोनों पक्षों के अधिकृत पदाधिकारियों के हस्ताक्षर 10 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से करवा लिए जाएँ।
2. हस्ताक्षर उपरान्त समझौता -पत्र तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा
3. समझौता-पत्र के अनुसार गठित निर्वाचन संचालन समिति ही आगामी निर्वाचन की समस्त प्रक्रिया, निर्वाचन कार्यक्रम, तिथि, स्थान तथा निर्वाचन अधिकारी के संबंध में निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी।
4. समझौता-पत्र प्रभावी होने के पश्चात दोनों पक्षों की वर्तमान कार्यकारिणियाँ निष्प्रभावी (Defunct) मानी जाएँगी तथा महासभा के नाम से किसी भी प्रकार की समानांतर प्रशासनिक, संगठनात्मक अथवा वित्तीय कार्यवाही नहीं करेंगी।
इसी बीच पालम शाखा अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री त्रिलोक चंद जी का चांदी का सिक्का देकर स्वागत व सम्मान किया गया।
बैठक का समापन समाज की एकता, संगठन की गरिमा एवं पारस्परिक सौहार्द बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी सदस्यों ने आशा व्यक्त की कि दोनों पक्ष समाजहित को सर्वोपरि रखते हुए समझौते को अंतिम रूप देंगे तथा महासभा का आगामी निर्वाचन पूर्णतः निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण में सम्पन्न होगा।
अंत में भोजन ग्रहण करने हेतु उपस्थित सभी सदस्यों से निवेदन किया गया।