अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा कार्यकारिणी बैठक दिनांक 26 अक्टूबर 2025 बैठक का कार्यवाही विवरण
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की कार्यकारिणी की बैठक रविवार दिनांक 26 अक्टूबर, 2025 को प्रातः 10:15 बजे राज विलास होटल, नेशनल हाई-वे, भरतपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री त्रिलोक चन्द जी जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय, महामंत्री, अर्थमन्त्री एवं पदाधिकारियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। उसके पश्चात महिला मण्डल द्वारा स्वागतगान किया गया एवं बच्चों के द्वारा सुन्दर नृत्य के साथ प्रस्तुतियाँ दी गई। सभी पदाधिकारियों को मंचासीन कर उनका स्वागत एवं सम्मान भरतपुर शाखा द्वारा किया गया । साथ ही सभी कार्यकारिणी सदस्यों एवं विशेष आमन्त्रित सदस्यों का माला एवं दुपट्टा पहना कर उनका भी स्वागत व सम्मान किया गया। उसके उपरान्त अध्यक्ष महोदय की अनुमति से विधिवत बैठक प्रारम्भ की गई।
बैठक की कार्यवाही प्रारम्भ करने से पहले महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिवंगत श्री महावीर प्रसाद जी जौरा वालों को दो मिनट का मोन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
उसके पश्चात् महामन्त्री जी द्वारा सर्वप्रथम आज की बैठक का एजेण्डा पढ़कर सुनाया गया और एजेण्डे के अनुसार सर्वप्रथम गत बैठक दिनांक 30, मार्च 2025 को जयपुर में आयोजित की गई उसकी कार्यवाही विवरण का पठन किया गया जिसका सभी ने सर्वसम्मति से अनुमोदन किया। उस बैठक के निर्णयानुसार साथ ही दिनांक 11/05/2025 को भवन निर्माण समिति की बैठक की कार्यवाही का विवरण भी पढ़कर सुनाया गया। जिसका भी सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
एजेन्डे के अनुसार महामंत्री जी द्वारा महासभा द्वारा गत वर्षा में की गई कार्यों की जानकारी एवं उपलब्धियों से सदन को अवगत कराया गया। उसके पश्चात् एजेण्डे के अनुसार महासभा के आगामी सत्र हेतू नवीन कार्यकारिणी के चुनाव के निर्वाचन कार्यक्रम पर चर्चा प्रारम्भ की गई।
निर्मल जी आगरा, के द्वारा महासभा के भवन के निर्माण और आगरा शाखा को 1000 वर्गगज जमीन के संबंध में जानकारी चाही गई, एवं पूर्व महामंत्री महेश जी के द्वारा जो लीगल नोटिस दिया गया था उसके बारे में जानकारी चाही गई, और सदन को अवगत कराया जायें।
महामंत्री महोदय द्वारा भवन निर्माण एवं महेश जी द्वारा इस कार्य में बाधा उत्पन्न करने के लिए जो लीगल नोटिस दिया गया था उसको सदन में पढ़कर सुनाया गया, यह नोटिस भवन निर्माण कमेटी के निर्णय के पश्चात् प्राप्त हुआ, जिस वजह से भवन के निर्माण कार्य में रूकावट उत्पन्न हुई, इस नोटिस को लेकर भवन निर्माण कमेटी के सदस्यों से चर्चा की गई, उसके पश्चात् ही निर्णय लिया गया कि इस विवाद के कारण साफ-सुथरी जमीन विवादग्रस्त नही बन जाये, और नोटिस का जवाब दे दिया गया था, इस जमीन में इनका किसी भी तरह का सहयोग नही रहा। पहले से ही कुछ लोग इस जमीन को विवादग्रस्त करने में लगे हुये है । यदि भवन निर्माण के लिए समाज से पैसा इकठ्ठा किया और फिर खाता सीज हो गया तो हमें जवाब देना भारी हो जायेगा, इस कारण इसे यही रोक दिया गया।
मुकेश जी अलीपुर, चुनाव का समय हो चुका, और विधान अनुसार ही चुनाव होने चाहिए जिसके लिए एक कमेटी बनाकर सामने वालों से भी बात कर चुनाव एक साथ करावें, और वो ही कमेटी, चुनाव से संबंधित वार्तालाप करें, हमने अलवर में 11 लोगों की एक कमेटी बनाकर बहुत ही अच्छे तरीके से चुनाव कराये थे। उस कमेटी में मैं भी था, किसी भी चीज का एक दिन अन्त तो आना ही है इसलिये एक कमेटी बनाकर चुनाव पर जोर दिया जाये ।
सुभाष जी पालम, चुनाव का समय हो गया है, चुनाव एक साथ ही होना उचित है। दोनो महासभा एकता स्थापित कर चुनाव करावें । सभी मिलकर एक कार्यक्रम करें और संविधान में कोई संशोधन हो, तो वो भी करें।
राजेश जी आगरा, चुनाव प्रक्रिया में जब भी चुनाव होते है समाज दो भागों में बंट जाता है। हर बार विघटन हो जाता है, इसे कैसे सरल बनाया जाये, इस पर हमें विचार करना होगा। अभी देवकीनंदन एवं महेश जी ने आगरा शाखा के चुनाव कराने हेतु कहा परन्तु मतभेद एवं मनभेद इतना हो गया कि एक दूसरे को गुमराह करने में लगे हुये है । आज समाज में गुटबाजी हो गई। हम सब एक होते तो महासभा का भवन खड़ा हो जाता। महासभा के 3 साल का कार्यकाल पूरा विवादों में चला गया, हमारे अध्यक्ष साहब बहुत ही सहनशील है, इस विवाद से उनके कार्य करने का पूरा जोश खत्म हो गया। अब मेरा एक ही निवेदन है कि सब एक हो जाये, तो ज्यादा अच्छा रहेगा। और किसी भी तरह चुनाव प्रक्रिया सरल बनाने की प्रयास करते रहना चाहिए ।
श्री पवन जी तिजारा, चुनाव और भवन निर्माण की घोषणा में चुनाव से पहले भवन निर्माण का कार्य करना जरूरी है। चुनाव के लिए जब तक एक कमेटी बनावे और दूसरे ग्रुप से जाकर वार्ता करें। उसके बाद ही विधानानुसार ही चुनाव करायें जावें । 5 या 11 व्यक्तियों की कमेटी बनाकर इस कार्य को किया जावें । हमारे अध्यक्ष साहब की काम करने की इच्छा मन की मन मे रह गई । बेमतलब का ये विवाद खड़ा हो गया, अन्यथा अब तक भवन बन गया होता।
सुभाष जी पालम, महेश जी के अनुसार तो तुम दस साल तक चुनाव नही करा पाओगें । हम महेश जी की मिटिंग में उपस्थित हुये थे पर उनके लोग चिल्लाने लगे कि आप त्रिलोक जी के आदमी हो, आपको मिटिंग में नही आना चाहिए। मैं आपको बता रहा हॅू इनके पीछे जो लोग है, उनका वो हाल होगा, वो घर के रहेगें ना घाट के रहेगें । और महाभारत का उदाहरण देकर अपनी बात पूरे सदन में रखी।
सुरेश जी तहसीलदार, पूर्व अध्यक्ष जयपुर शाखा ने अपना सुझाव दिया की चुनाव अवश्य होने चाहिए इसके लिए हमारे पूर्व महामंत्री श्री अशोक जी एवं रमेश जी पल्लीवाल को अपने प्रभाव को काम लेते हुये दूसरे गुट से सम्पर्क कर चुनाव के संबंध में चर्चा कर एक साथ चुनाव करावें । भवन निर्माण के लिए तो वो रोड़ा लगायेगें ही ।
पदम जी एडवोकेट, मुरैना हमारे अध्यक्ष साहब की काम करने की बहुत उत्सुकता थी पर सामने वालों ने एक भी नही मानी, मेरा सुझाव है कि सभी पदाधिकारीयों को दूसरे गुट से संपर्क कर एक साथ चुनाव करायें। चुनाव समय पर होना भी चाहिऐ।
सुनीता जी भरतपुर, सभी बातें हो रही है लेकिन अध्यक्ष जी से निवेदन है कि हमारी भरतपुर शाखा का गठन विधिवत रूप से करावें । हमारे यहाॅ इसका कोई विरोध भी नही करेगा। महासभा के भवन का निर्माण अवश्य कराना चाहिए। एक-दूसरे के प्रति अरोप-प्रत्यारोप तो चलते रहेगें, लेकिन ये काम ऐसा है कि एक बार बीड़ा उठा लिया तो सब आपके साथ लग जायेगें, रही चुनाव की बात चुनाव तो समय पर कराने चाहिए। क्योकि एक-दूसरे को समझाने में ही पूरा समय निकल गया। हालांकि चुनाव कराना इतना आसान नही है, लेकिन आज से ही हम चर्चा करेगें तभी ये समय पर हो पायेगें। महिला सहायता के लिए भी हम सभी कार्यकारिणी सदस्यों को अपडेट करते रहना चाहिए कि यदि बन्द है तो इसको तुरन्त चालू करना चाहिए ।
संजय जैन (अलीपुर), जयपुर, चर्चा चुनाव की चल रही है चुनाव तो समय पर होना बहुत जरूरी है, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में यह विचारनीय है कि कैसे हो, कब हो ? मैं अध्यक्ष साहब को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होने संस्था के हित में समय से पूर्व चुनाव की प्रक्रिया करने के लिए सोचा, लेकिन वर्तमान परिस्थिति को देखते हुये चुनाव बहुत मुश्किल है चुनाव वैधानिक तरीके से और एक साथ मिलकर हो जिसके लिए एक टीम गठित करें, क्योकि इसमें वैधानिक परिस्थितियाँ भी बहुत आयेगीं, क्योकि कुछ मामले कोर्ट में है इन सभीको हल करने के लिए एक समन्वय समिति का होना बहुत जरूरी है। अन्यथा चुनाव एक साथ नही हुये तो समाज का संगठन दो ग्रुपों में हो जायेगा । अभी की परिस्थितियों को देखते हुये भवन निर्माण इतना जरूरी नही है, भवन कमेटी का मैं भी सदस्य हूँ, क्योकि वह प्रोजेक्ट 10-15 करोड़ रूपये का है, और इन परिस्थितियों में पैसा एकत्रित करना भी बहुत मुश्किल है। इसलिये चुनाव के लिए एक समन्वय समिति गठित की जावें। और चुनाव एक बेनर पर ही होने चाहिए, अन्यथा महासभा टूट जायेगी ।
अशोक जी महामंत्री, मैने सभी की भावनाऐं सुनी सभी चुनाव तो चाहते है लेकिन महासभा का अस्तित्व खत्म नही होना चाहिए। अभी कुछ समय पहले 02 अक्टूबर को जयपुर के कार्यक्रम में मैं गया था, वहाँ समाज 25-30 लोग बैठे हुये थें और चर्चा चल रही थी की समाज के संगठन की एकता कैसे हो, चर्चा के दौरान बाते चल रही थी कि अध्यक्ष साहब और अर्थमंत्री जी ने मुझसे कहा कि आप एकता करवा दो हमने तो एकता के हर तरह के प्रयास कर लिये, तो मैने कहा कि मैं प्रयास करता हूँ, मैंने दूसरे दिन पवन चौधरी को फोन किया, उन्होने कहा की हमारी तरफ से देवकीनन्दन जी अधिकृत व्यक्ति है जो वो कह देगें, वो मान्य है। मैं दो दिन बाद ही राजेन्द्र जी लक्ष्मणगढ़ को लेकर देवकीनन्दन जी के पास गया और उन्होने मुझे आश्वत किया कि निश्चित रूप से संगठन में एकता आयेगी, 26 अक्टूबर की ये मिटिंग है और 16 नवम्बर का उनकी हो रही है । मेरा तो यह है कि महासभा का अस्तित्व बना रहे, समिति बनाकर चुनाव कराया जावें जिससे महासभा में एकरूपता स्थापित हो सकें। मैं भी समाज का अभिन्न अंग हॅू। और किसी भी तरह यह समाज टूटना नही चाहिए, आप सभी सकारात्मक स्वीकृति देवें कि हमें इस प्रयास में सफलता मिलें ।
संजय जी, (अलीपुर), जयपुर, ने इस पर कहा कि मेरा यह प्रस्ताव है कि कमेटी में श्री अशोक जी पूर्व महामंत्री, रमेश पल्लीवाल जी एवं राजेन्द्र जी की कमेटी बना दी जावें और जो दूसरे ग्रुप से चर्चा करें, ताकि समन्वय स्थापित किया जा सकें। इस प्रस्ताव को अभी पास किया जावें ।
अशोक जी, पूर्व महामंत्री, वार्ता करने के बाद मेरा यह सुझाव है कि दोनो ही पक्ष इस्तिफा देवें तभी ये संभव है।
निर्मल जी, आगरा, मेरा विचार है कि पहले समन्वय हो, लेकिन इस्तीफा निर्णायक फैसला हो, तभी सभी इस्तीफा देवें। क्योकि यह इस्तीफा ही इस विवाद का मुख्य कारण रहा है, आप ने देखा होगा हस्तिनापुर में जिन्होने इस्तीफा दिया वो आज तक विवाद का कारण बना हुआ है।
एकता जैन, आगरा, हम ही बार-बार क्यों समन्वय के बारे में सोंचे, या तो हम कुछ गलत कर रहे है, वो आगे से पहल क्यो नही करते। आप लोगों ने हम नये लोगों को समाज हित में समाज समाज सेवा के लिए जोड़ा है। हम सभी को भी उसी तरह सम्मान मिलना चाहिए जिस तरह से जोड़ा है। इस बात को क्यो नही सोच रहें। मैं यह नही कह रही कि हमें समन्वय के प्रयास नही करने चाहिए, करो, झुकना भी अच्छी बात है और जो झुकेगा वही उचाईयों पर जायेगा, लेकिन हमेशा हम ही झुके यह सही नही है। मैं भी चाहती हूँ कि समाज एक हो।
वी.के. जैन साहब, अलवर, अलवर में चर्तुमास कर रहे महाराज साहब से मिलकर महासभा की एकता हेतु, निवेदन करने का सुझाव दिया।
श्रीचंद जी पूर्व महामंत्री, महासभा में एकता स्थापित कर चुनाव कराये जावें। दोनो पक्ष 11-11 व्यक्तियों के नाम प्रस्तावित करें, और 22 सदस्यों की एक समिति बना दे, जिसका नाम महासभा संचालन समिति रख दे, इस समिति को सारे अधिकार देते हुये महासभा के चुनाव करावें और वो सभी को मान्य होगा। चुनाव विधान के अनुसार होने चाहिए, चुनाव होने के बाद समिति स्वतः ही भंग हो जायेगी। मेरा दुसरा सुझाव है कि दोनो पक्षो की सम्पूर्ण कार्यकारिणी एवं समाज के व्यक्तियों को विशेष आमंत्रित सदस्यों में बुलाकर एक मिटिंग हो जायें, और वहा एक समिति का चयन होकर उनको अधिकार देवें । ये इसका बड़ा रूप है। श्रीचंद जी द्वारा विधवा सहायता पर ध्यान देने एवं उसको जरूर भेजने हेतु भी कहा गया ।
मुकेश जी भगत, आगरा, समन्वय कमेटी बनाकर कुछ भी हांसिल नही किया जा सकता, पहले भी सदभावना कमेटी बनाई, क्या हासिल हुआ, पहले इस कमेटी का कार्यकाल पूर्ण हो उसके बाद चुनाव की बात करें। चुनाव ही इस विभाजन की जड़ है। जब तक कार्यकाल पूरा नही हो चुनाव के बारे में चर्चा न करें।
मुकेश जी, अलीपुर, हस्तिानपुर में जो चुनाव हुये उसका सबको पता है उसके बाद एक कमेटी गठित करके ही चुनाव कराये गये, इसलिए कमेटी जरूर बनाये ।
महावीर जी, महुआ, मेरा सुझाव है कि श्री अशोक जी पूर्व महामंत्री को अधिकार देते हुये दूसरे पक्ष से बात करें, उसके उपरान्त् ही चुनाव की प्रक्रिया करावें । हम भगवान से प्रार्थना करेगें कि अशोक जी के प्रयास सफल हो और दूसरे पक्ष से जो भी बातचीत हो उससे समाज को अवगत करावें। साथ ही विधवा पेन्शन भी नही रूकनी चाहिए ।
सुरेन्द्र जी, घोसराना, हम यह कह रहे कि अध्यक्ष साहब डर रहे है, दुखी है, या पीछा छुडा रहे है, ये आप सब लोग गलत कह रहे हो, अध्यक्ष साहब सिर्फ ये सब इसलिए चाहते कि समाज ना टूटे । चुनाव एक ही हो जिससे महासभा का बिखराव नही हो, हमारे देवकी बाबू जी समाज के सम्मानीय व्यक्ति है मैं बताना चाहूंगा कि हमारे अध्यक्ष साहब पर उनका ही हाथ था, उधर भी उनका ही हाथ है अगर चुनाव से पहले समाज में बदलाव या सुधार चाहते है तो दूसरे पक्ष से तीन व्यक्ति जिसमें से एक आगरा से एक इन्दोर से और एक महुआ से ले लों, सारे काम सही हो जायेगें। और अपने यहाॅ से वार्ता के लिए तीन व्यक्तियों को नियुक्त कर दो।
आशिष जी मुरैना, सभी शाखा अपने स्तर पर उसी जगह पर चुनाव करावें । जिससे चुनाव करोड़ो रूपयें वाला नही हो, और मेरा सुझाव है कि इतना महंगा चुनाव नही होना चाहिए, इसको किसी भी तरह सरल तरीके से कराया जावे। और समिति का गठन सभी क्षेत्रों सें सदस्य लिये जाकर किया जावें ।
रमेश जी पल्लीवाल, चुनाव हेतु कमेटी छोटी होनी चाहिए उस कमेटी को पूरी पॉवर एवं सारे अधिकार देवें, जिससे लगे कि हम खाली-पीली में बात नही कर रहे । एकता स्थापित होना तो जरूरी है। समाज में सभी एक दूसरे के रिश्तेदार है । समाज तो एक है, समाज ना टूटेगा ना बदलेगा, सिर्फ व्यवस्थाओं को बदलना है जिससे चुनाव होकर समाज के लिए सही संदेश जावें । नया भवन बनना चाहिए, हमारे पास जमीन है, लेकिन आज की परिस्थितियों में निर्माण करवाना बहुत मुश्किल है।
भागचन्द जी, अर्थमंत्री, चुनाव कराने के लिए ही लगभग 6 माह का समय चाहिए, अक्टूबर चल रहा है, जनवरी में चुनाव होने है, तैयारी के लिए भी काफी समय लगता है। चुनाव अगर नही कराये तो सीट से चिपकने का कलंक और लगेगा। इसको भी सहन करना पड़ेगा, चुनाव की प्रक्रिया एक दिन की नही है, आज से चालू करेगें तो भी छः माह लग जायेगें । उन्होनें यह भी बताया कि विधवा पैन्शन जारी रखना संभव नही है, क्योकि खाते सीज है, पैसे इकट्ठे करेगें, फिर खाता बन्द करवा दिया जायेगा। अलवर सम्मेलन में पेसे इकट्ठे किये एवं पेन्शन भिजवाई गई, लेकिन उन्होने 18 चैक विधवा बहनों के बाउन्स करवा दिये। यदि फिर इकट्ठे करेगें फिर यही होगा, इसका हल सिर्फ चुनाव है। हम भी यही चाहते है कि चुनाव एक साथ हो, और एक 5 व्यक्तियों की समन्वय समिति बनाकर, इस पर चर्चा कर चुनाव समय पर करावे ।
हेमा जी, आगरा, अपना कार्यकाल पूर्ण होने के बाद ही चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की जाये, महासभा का भवन बनाया जावें, और विधवा पेंशन जारी रखी जायें। महासभा अपने कार्यो को प्राथमिकता देवे, चुनाव की चर्चा बाद में करें। हम सभी कार्यकारिणी सदस्य विधवा सहायता के लिए एक-एक लाख रूपये दे, तो विधवा सहायता वैसे ही चली जायेगी। हमेशा हम मिटिंगों में पक्ष-विपक्ष की बाते करते रहते है। रही आगरा शाखा की 1000 गज जमीन की बात वों मैने आगरा शाखा को दी है ना कि महासभा को अगर महासभा दो-तीन बीघा जोडकर उसमें महासभा भवन बनाये तो हमें कोई आपत्ति नही है ।
श्री त्रिलोक चंद जैन, अध्यक्ष, सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त कर दिवाली की शुभकामानाऐं प्रेषित की, समाज की एकरूपता एवं संगठन के लिए मेरे द्वारा हर प्रयास किये गये, मैं कभी भी समस्याओ से नही भागा, मैने हमेशा संघर्ष किया है, लेकिन हम सफल नही हो पाये। आप सभी ने हस्तिनापुर में भी देखा और आज तक देख रहे हो। इस विवाद का मुख्य कारण पूर्व अध्यक्ष और पूर्व महामंत्री रहे और आज भी यही चल रहा है। हमारे द्वारा एकता के लिए सदभावना कमेटी बनाई गई इतना बडा अलवर में सम्मेलन कराया जो आज तक नही हुआ, लेकिन महेश जी उसमें भी उपस्थित नही हुये । इस संगठन को मजबूत करने के लिए, मैने हर प्रयास किये हमेशा मैं संविधान के हिसाब से ही चला हॅू और चलता रहूँगा । और आगे की कार्यवाही भी संविधान के हिसाब से जारी रहेंगी।
जिस तरह अशोक जी ने कहा मैं उनकी बात से पूर्णतः सहमत हूँ, हम भी चाहते कि चुनाव एक ही हो, और सबकी भावना भी एक ही है तो मैं कैसे अलग जा सकता हूँ। एक होकर चुनाव हो तो उससे बढिया कोई काम नही हो सकता, मैं समाज हित में जो भी फैसला होगा, हर उस फैसले के लिए तैयार रहूंगा। मुझे इस्तीफा भी देना पड़ेगा तो मैं दूगां। लेकिन महासभा किसी भी तरह नही टूटे । अशोक जी की बात चल रही है तो हमें कोई आपत्ति नही है जिस तरह से उन्होने कहा है कि महासभा की एकरूपता और अखण्डता बनी रहे और दोनो ग्रुप मतभेदों का निराकरण कर लेवें । यदि इसकी संभावना नही हो तो अपने पदों से त्याग पत्र दे दें। मैं इसके लिए भी तैयार हूँ । किसी भी तरह महासभा टूटने का हम पर आरोप नही लगें। मैं समाज हित में हमेशा आगे रहूँगा ।
मैं माफी चाहता हॅू कि मैं समाज के लिए कुछ नही कर सका। परिस्थितीयॉ जो भी रही वो सभी के सामने है। रही कार्यो की बात जैसे कि यदि भवन निर्माण भी हमनें शुरू किया और समाज से पैसा इकठ्ठा किया और फिर खाते पर रोक लग गई, तो हमें जवाब देना भारी होता, इस वजह से इसके निर्माण को रोका गया। मेरा अब आपसे एक ही प्रश्न है? यदि दूसरा पक्ष 16 तारीख की मीटिंग के बाद भी समन्वय की स्थिती में नही आता है, तो हमारे पास चुनाव के अलावा कोई विकल्प नही रह जाता है । क्योकि काम हम आज भी नही कर पा रहे है ।
बाद विचार विमर्श तय किया गया कि श्री अशोक कुमार जैन, पूर्व महामंत्री जी को सर्वसम्मति से वार्ता करने के लिए अधिकृत किया गया और अध्यक्ष महोदय द्वारा कहा गया कि समाज हित में हमसें जो सहयोग चाहिए उसके लिए हम हमेशा तैयार है।
अध्यक्ष महोदय द्वारा आये हुये सभी लोगों का एवं भरतपुर शाखा के स्थानीय सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुये मीटिंग समाप्ति की घोषणा की गई। इसके उपरान्त भोजन ग्रहण करने हेतु उपस्थित सभी सदस्यों से विनम्र निवेदन किया गया ।
पारसचन्द जैन
खेरली, महामंत्री