श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

मीटिंग में बुलाकर मान मर्दन

14 जलाई 2025 •

मान्यवर सदस्यगण अखिल भारतीय पल्ली वाल जैन महा सभा मुझे 29 जून 2025 को सभा की महेश जी के द्वारा बुलाई गई ऑन लाइन सभा मे एक समाज का सदस्य होने के नाते पालम शाखा की तरफ से हिस्सा लेने का अवसर मिला. पालम शाखा का मानना हे कि दोनों महासभा समाज का हीं हिस्सा हैं. हमारी शाखा की कोशिश रही है कि दोनों मे हीं पालम का प्रतिनिधित्व होना चाहिए ताकि अपनी बात रख सकें. हमारा सोचना है कि अगर समय से सभा की सुचना मिलती है और रविवार का दिन होता है तो पालम शाखा सभा मे अपने प्रीतिनिधि भेजने का भरसक प्रयास करेंगी. हमने किसी भी सदस्य को किसी भी सभा मे जाने से नहीं रोका बसर्ते वह शाखा के हित की बात करें. जो सवाल हमने महेश जी की ऑन लाईन सभा मे उठाये वही सवाल हम दूसरे ग्रुप की सभा मे उठाये थे परन्तु उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि आप दूसरे ग्रुप के आदमी हो आपको इस मीटिंग मे आना ही नहीं चाहिए. ऐसा महेश जी ने नहीं उनकी बे लगाम चौकड़ी ने दिया. महेश जी ने तो उनके कथन को मोन स्वकृति प्रदान की. क्या समाज के लोगों को प्रश्न पूछने का भी हक़ नहीं है. इस विषय मे मैं एक बात और कहना चाहता हूँ कि जयपुर में श्री त्रिलोक जी की मीटिंग में पालम शाखा के सदस्यों ने कहा था कि दूसरा ग्रुप भी समाज का हीं हिस्सा है उनकी सभा में हमारे जाने से तो आपको कोई एतराज तो नहीं है उन्होंने कहा कि हमें कोई एतराज नहीं है. हमारी शाखा को उम्मीद हैं कि समाज हित में दोनों ग्रुपों को एक होना ही पड़ेगा. नहीं तो समय आने पर यही समाज आपको उचित जबाब अवश्य देगा. एक बात में आपसे कहना चाहता हूँ कि चुनाव से पहले पालम गाँव में एक सभा हुई थी जिसमे महेश जी के पेनल के सदस्य भी सम्लित थे उस सभा में मेने खड़े होकर कहा था कि महेश जी एक समाज के प्रति समर्पित कार्यकर्त्ता हैं यह 10-11 बसें जयपुर से श्री नाकोड़ा जी ले जाते रहें हैं सभी यात्रियों की सुख सुविधा का धयान रखते हैं इनकी टीम ने भोजन तक अपने हाथों से बनाया और सबको भोजन खिला कर खुद सबसे बाद में भोजन करते थे मुझे इनके साथ तीन बार यात्रा करने का शुभ अवसर मिला उन्ही महेश जी क़ो चौकड़ी ने हाईजेक करके उनकी अच्छी छवि को और समाज को बहुत नुकसान पहुंचाया है और अबभी नुकसान पहुँच रहें है. 29 जून की ऑनलाइन मीटिंग मे महेश जी के बजाए और सदस्य कह रहें थे ज्यादा सदस्य हमारे
साथ हैं उन्ही को पूरी शक्ति प्राप्त है. इतना ध्यान रहें यह शक्ति महासभा के सदस्यों द्वारा दी जाती है अपने देखा कि अलवर की मीटिंग मे हजारों की संख्या मे सदस्य गण आये थे जबकि अलवर हीं की मीटिंग जो महेश जी ने बुलाई थी उसमे कुछ सेंकड़ा सदस्य हीं उपस्थित थे. शक्ति का अंदाजा तो उसी से लगजाना चाहिए. यदि एक बार मान लेते हैं किसी भी तरह महा सभा के कार्यकारणी के अधिकतर सदस्य आपके साथ हैं तो आप महा सभा के बड़े भाई होने के नाते अपने कर्तव्य का निर्वाह करना चाहिए. बड़े भाई क़ो दिल भी बड़ा रखना चाहिए. समाज हित मे सारे मसले बातचीत से सुलझाने चाहिए. यही पूरा समाज चाहता है चौकड़ी के कुछ हीं सदस्य ऐसे हैं जो बातचीत से समस्या हल नहीं चाहते महमंत्री जी को अपने विवेक से हीं महासभा को चलाना होगा. अगर मेरे कथन से किसी भी सदस्य को बुरा लगा हो तो में अपने सच्चे दिल से क्षमा मांगता हूं. मेरा उदेश्य केवल समाज को संगठित और मजबूत देखना हीं है.

जय जिनेन्द्र. धन्यवाद
सुभाष जैन
पालम दिल्ली

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