श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

महासभा अपने उद्देश्यों में कैसे सफल हो

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा को समाज की उन्नति के लिए क्या – क्या कार्य किये जाने चाहिए हमारे द्वारा उन कार्यो का उल्लेख डिजिटल पत्रिका के पिछले महीने के अंक में किया गया था। जिनमें युवाओं को महासभा से जोडनें, संगठन को मजबूत करने, चिकित्सा सहायता कोष को पुनः नियमित करने तथा समाज की जनगणना करने आदि का वर्णन था ।
अन्य कार्य जो समाज की उन्नति के लिए महासभा द्वारा किये जाने चाहिए-

समाज के उद्योगपति, आई.टी कम्पनियों के मालिक, एम.डी आदि तथा रोजगार प्राप्त करने वाले युवकों का सम्मेलन –

वर्तमान में समाज में रोजगार की तलाश में अनेको युवा है, बहुत से युवा तो उच्च शिक्षा प्राप्त किये हुए है। उनको उनकी योग्तानुसार रोजगार प्राप्त नही मिल पाता है । हमारे समाज के अनेक आई आई टी पास युवाओं द्वारा अपने स्तर पर आई.टी. कम्पनियाँ आदि संचालित की जा रही है। अनेक बड़े उद्योगपति भी है। इन उद्योगपतियो आई.टी. कम्पनियों तथा रोजगार चाहने वाले युवाओं का वर्ष में एक बार सम्मेलन महासभा द्वारा आयोजित किया जाना चाहिए। जिसमें उद्योगपति एवं आई.टी कम्पनी अपने यहाॅ योग्तानुसार नियुक्त कर सके । महासभा द्वारा पूर्व में इस प्रकार के सम्मेलन 2 बार आयोजित किये गये थे। प्रथम बार 7 व 8 जनवरी 2006 में श्री छदामी लाल दिगम्बर जैन मन्दिर फिरोजाबाद एवं दिनांक 09 अगस्त 2009 को खेरली में आयोजित किये गये थे। जिनमें कुछ युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ था।

2. स्वरोजगार योजना:-

महासभा को समाज के अल्प आय के छोटे छोटे दुकानदारों, अपना स्वयं का लघु उद्योग खोलने वाले व्यक्तियों की आर्थिक मदद करनी चाहिए। दिनांक 18.12.2004 को स्वरोजगार योजना के लिए दानवीर श्री कुन्दन लाल जी जैन भरतपुर द्वारा अखिल भारतीय पल्लीवाल महासभा को 1,00,000/- रू. प्रदान किये गये थे, उस समय महासभा के खाते में एक लाख रूपये को अलग से इस स्वरोजगार योजना के लिए सुरक्षित रखा गया था।

3. समाज के जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता :-

समाज का कोई विद्यार्थी अर्थ के अभाव में यदि शिक्षा प्राप्त नही कर पा रहा है तो ऐसे विद्यार्थियो की मदद महासभा द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान करके की जानी चाहिए। समाज के कुछ महानुभाव ऐसे विद्यार्थियों के सहयोग के लिए तैयार रहते है। महासभा द्वारा वर्ष 2004 व 2007 के कार्यकाल में ऐसे 15 विद्यार्थियों को 1,50,500/- रू. की आर्थिक सहायता इंजीनियरिंग तथा अन्य कक्षाओं में प्रवेश पाने पर उनकी फीस में मदद प्रदान की गयी थी ।

4. कन्याओं के विवाह में सहायताः-

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की कन्याओं के विवाह में आर्थिक सहायता करनी चाहिये ।पूर्व में महासभा की और से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 6 कन्याओं के विवाह में 56 हजार रूपये आर्थिक सहायता प्रदान की गयी थी ।

5. पल्लीवाल जैन मेले :-

महासभा द्वारा वृहद स्तर पर पल्लीवाल जैन मेले का आयोजन किया जाना चाहिए। जिससे समाज जन आपस में मिल जुल सके। समाज के युवाओं, महिलाओं में समाज के प्रति जुडाव हो सके, महासभा में लगाव पैदा हो, महासभा की गतिविधियों की जानकारी उन्हे मिल सके। आपस में सभी में आत्मीयता की भावना जागृत हो। इस प्रकार के मेले में सायंकालीन समय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो। युवाओं, महिलाओं की खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाए । विभिन्न शैक्षिक प्रतियोगिताऐं जैसे वाद-विवाद, चित्रकला प्रतियोगिता आदि का आयोजन इस मेले में रखा जा सकता है। शाखाओं द्वारा भी इस प्रकार के पल्लीवाल जैन मेले का आयोजन किया जा सकता है ।

6. दूरभाष निर्देशिका का प्रकाशन:-

वर्ष 2009 के बाद पल्लीवाल जैन दूरभाष निर्देशिका का प्रकाशन नही हुआ है। समाज के लिये पल्लीवाल जैन दूरभाष निर्देशिका बहुत ही उपयोगी है। आज सभी के पास समय का अभाव है। टेलीफोन, मोबाईल से हम सभी एक दूसरे से सम्पर्क करते है। आने जाने के समय की बचत होती है। समय की आवश्यकता को देखते हुए अखिल भारतीय स्तर की पल्लीवाल जैन दूरभाष निर्देशिका का प्रकाशन महासभा द्वारा अवश्य किया जाना चाहिए। पूर्व में 02 अक्टूबर 2005 को श्री पल्लीवाल जैन निर्देशिका का प्रकाशन हुआ था जिसमें सम्पूर्ण भारतवर्ष में रहने वाले 3500 समाज के परिवारों के पूर्ण पते एवं टेलीफोन नम्बर प्रकाशित किये गये थे। पुनः 09 अगस्त 2009 को अखिल भारतीय स्तर की पल्लीवाल जैन दूरभाष निर्देशिका का विमोचन खेरली सम्मेलन में सम्पन्न हुआ था, जिसमें सम्पूर्ण भारत के 5000 समाज के परिवारों के पते थे, दूरभाष नम्बर प्रकाशित किये गये थे, दोनो ही निर्देशिका समाज के लिए बहुत ही उपयोगी रही थी। इन दोनों निर्देशिकाओं के प्रधान सम्पादक श्री शेखर चन्द जी जैन रिटायर्ड आर. ए. एस जयपुर रहे थे ।

7. पहचान पत्र

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा द्वारा महासभा के आजीवन सदस्यों के पहचान पत्र नियमित बनाये जाने चाहिए, काफी समय से पहचान पत्र बनाये नही जा रहे है।

8. श्री पल्लीवाल जैन पत्रिका पुरस्कार योजनाः-

पल्लीवाल जैन पत्रिकाओं के प्रकाशित अंको में प्रश्न पूछे जाये व सही उत्तर देने वाले पाठकों को पुरस्कार प्रदान किये जा सकते है । पूर्व में 2009 के कार्य में इस तरह की 5 प्रतियोगिताएं करायी गयी थी।

9. पल्लीवाल जैन वेबसाईट:-

www.palliwaljain.com यह पल्लीवाल जैन महासभा की वेबसाईट दिनांक 04.03.2009 को प्रारम्भ की गई थी। उस वक्त इस वेबसाईट पर हमारे समाज के 3389 परिवारों का पूर्ण विवरण उपलब्ध था । महासभा की उस वक्त की सम्पूर्ण मतदाता सूची उपलब्ध थी । वेबसाईट नियमित अपडेट होती रहनी चाहिए । अतः वेबसाईट में महासभा एवं शाखाओं की सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध होती रहनी चाहिए। पल्लीवाल जैन वेबसाईट प्रारम्भ करने में इंजीनियर श्री कुमार पाल जैन जयपुर एवं श्री एम.पी. जैन उप निदेशक, मुख्य मंत्री कार्यालय राजस्थान जयपुर का पूर्ण सहयोग रहा था। इस वेबसाईट का संचालन इंजी. कुमार पाल जैन द्वारा निःशुल्क किया जा रहा था।

महासभा के अध्यक्ष, महामंत्री अर्थमंत्री, अन्य सभी पदाधिकारीगण, कार्यकारिणी सदस्य समर्पण भाव से टीमबद्ध होकर कार्य करे तो उपरोक्त सभी कार्यो को पूर्ण करने में निश्चित सफल हो सकते है और महासभा की उन्नति में सहायक हो सकते है। महासभा की उन्नति से ही महासभा अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर सकेगी।

श्रीचंद जैन
पूर्व महा मंत्री

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