श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

महामंत्री की कलम से………….

सादर जयजिनेन्द्र,

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की आगरा में आयोजित मीटिंग में कार्यकारिणी द्वारा महासभा की उत्तरोतर प्रगति एवं महासभा की सभी गतिविधियों के संचालन हेतु व प्रधान कार्यालय स्थापित करने के लिए महासभा का भवन बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए भविष्य के आवश्यकताओं को देखते हुए महासभा के विस्तार को और महासभा के सबसे ज्यादा सदस्य राजस्थान से होने के कारण कार्यकारिणी द्वारा जयपुर को सबसे उपर्युक्त स्थान माना गया है। जयपुर से लगभग पूरे देश में आवागमन के सभी साधन उपलब्ध है। अतः महासभा कार्यकारिणी द्वारा निर्णय लिया गया है कि जयपुर शाखा की सहमति से शाखा की वाटिका में चार हजार वर्ग गज जमीन पर बड़ा पल्लीवाल भवन महासभा और जयपुर शाखा के प्रयासों से बनवाया जाए जिसमें महासभा के साथ-साथ जयपुर शाखा की भी सभी गतिविधियाँ एक ही जगह संचालित हो सके।

बन्धुओं, यह बहुत ही हर्ष का विषय है कि महासभा कार्यकारिणी अपने बचे हुए कार्यकाल में समाज की प्रगति और उत्थान की ओर तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। इसी मीटिंग में महासभा भवन के साथ-साथ विधवा सहायता सहित अन्य समाज हित की योजनाओं के प्रस्ताव भी पारित किये गये है। इसी मीटिंग में जयपुर शाखा की जमीन के विवाद के सम्बन्ध में कार्यकारिणी के निर्णयानुसार वर्तमान अध्यक्ष महोदय की जांच रिपोर्ट तथ्यों के साथ सदन के पटल पर रखा गया। रिपोर्ट पर कार्यकारिणी द्वारा गहन चर्चा कर इसका अनुमोदन किया गया।

बन्धुओं, जयपुर शाखा की इस जमीन के सम्बन्ध में पिछले लगभग चार वर्ष से और अब वर्तमान में पूर्व महामंत्री श्री महेश जी के द्वारा पल्लीवाल पत्रिका के माध्यम से जिस प्रकार से झूठ को परोसा गया और इस जमीन को विवादित बनाने की कोशिश की गई ये रिपोर्ट निश्चित रूप से दूध का दूध और पानी का पानी करने के साथ ही इनको सच का आयना दिखाने वाली भी है । बन्धुओं आप सभी जानते है कि पल्लीवाल पत्रिका पिछले पांच साल से समाज की पत्रिका न होकर एक ग्रुप विशेष की पत्रिका हो गई है। इसलिए ही इसकी विश्वसनीयता भी खत्म हो गई है। इसी कारण समाज की निष्पक्ष पत्रिका के रूप में और वर्तमान आई. टी. युग को देखते हुए पल्लीवाल डिजीटल पत्रिका का प्रारम्भ किया गया है। इसके माध्यम से बिना किसी खर्चे के समाज के प्रत्येक व्यक्ति के मोबाईल और कम्प्यूटर पर पल्लीवाल डिजीटल पत्रिका को पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

बन्धुओं मनुष्य के जीवन में सत्य का झूठ से वही संबंध होता है, जो उजाले का अंधेरे से होता है। हर व्यक्ति चाहता है कि सामने वाला उससे हमेशा सच बोले, लेकिन जब बात खुद पर आती है तो वह इसी सत्य से समझौता कर लेता है और अपने बचाव के लिए झूठ का सहारा लेता है। जयपुर शाखा की इस जमीन के विवाद में भी यही हुआ। कुछ लोगों के ईगो की पूर्ति के लिए पल्लीवाल पत्रिका में मुझे और जयपुर शाखा को बदनाम करने की नीयत से इस जमीन के सम्बन्ध में झूठा लेख प्रकाशित किया गया। इस झूठे और तथ्यों से परे लेख को सच साबित करने के लिए और सम्पादक मण्डल की गलती के बचाव में झूठ पर झूठ पत्रिका के माध्यम से समाज को परोसा गया। इनके द्वारा सच को छुपाने के लिए जयपुर शाखा की पूर्व व वर्तमान कार्यकारिणी के पत्रों को कभी भी महासभा के कार्यवाही में नहीं लिया गया और न ही कभी सदन के पटल पर रखा गया। इतना ही नहीं बन्धुओं यह भी सुनने में आया है कि पूर्व महामंत्री श्री महेश जी द्वारा इस जमीन को और विवादित बनाने के लिए अपने खास लोगों से चन्दा एकत्रित किया जा रहा है।

बन्धुओं, जयपुर शाखा द्वारा किये गये इतने बड़े समाज हित के कार्य में सिर्फ मुझे ही टार्गेट कर पिछले चार साल से इस जमीन का झूठा मामला चलाया गया जबकि यह जमीन जयपुर शाखा की हैं। इसमें महासभा का कोई योगदान नहीं है फिर भी सिर्फ मुझे मानसिक तनाव एवं पीड़ा देने हेतु यह विवाद उत्पन्न किया गया। जबकि यह कार्य जयपुर शाखा की वर्ष 2016 -18 की कार्यकारिणी द्वारा प्रारम्भ किया गया और वर्ष 2018-22 की कार्यकारिणी द्वारा पूर्ण कर तत्कालीन अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कुमार जैन कैमरी की अध्यक्षता में अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा, शाखा जयपुर के नाम इस जमीन की रजिस्ट्री करवायी गई। सभी कार्य और निर्णय तत्कालीन कार्यकारिणियों और जमीन समिति के द्वारा लिये गये। इस सम्पूर्ण कार्य में मेरे द्वारा सिर्फ सहयोग किया गया था। इससे सम्बन्धित समस्त रिकार्ड भी जयपुर शाखा के पास सुरक्षित है। लेकिन शाखा के रिकार्ड की अनदेखी कर सिर्फ मुझे बदनाम करने की नीयत से यह झूठा मामला चलाया गया । बन्धुओं, पिछले चार साल में मुझे बदनाम करने की ही कोशिश नहीं की गई बल्कि लगातार मुझे जो मानसिक तनाव व पीड़ा दी गई उसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता ।

बन्धुओं, खुशबू आ नहीं सकती, कागज के फूलों से और सच्चाई छुप नहीं सकती, इनके बनाये झूठे षड़यंत्रों से । हमारे बुजुर्गों ने बहुत सोच-समझ कर ये कहावत बनाई है क्योंकि सत्य तो सदैव सत्य ही रहता है और असत्य कभी सत्य की जगह ले नहीं सकता। ये रिपोर्ट और जयपुर शाखा के पत्रों को इस अंक में इसलिए प्रकाशित किया जा रहा है कि सत्य के सूर्य को झूठ के बादल कुछ समय के लिए छिपा तो सकते है लेकिन हमेशा के लिए खत्म नहीं कर सकते है। इस रिपोर्ट के अनुसार निश्चित रूप से इनकी मंशा जयपुर शाखा की इस जमीन के प्रति ठीक नहीं है। मेरा समाज के सभी बन्धुओं से अनुरोध है कि इस रिपोर्ट को और इन पत्रों का अवलोकन करें और जयपुर शाखा की इस जमीन पर बड़ा भवन बनाने के लिए तन, मन, धन से महासभा का सहयोग करें। इन्हीं मंगल भावनाओं के साथ अन्त में सभी को नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाए ।

आपका अपना
( पारस चन्द जैन )

This Post Has One Comment

  1. राजेन्द्र प्रसाद जैन, अध्यक्ष जयपुर शाखा

    पल्लीवाल पत्रिका में श्री पारस चंद जैन खेड़ली, पूर्व मंत्री जयपुर शाखा के खिलाफ जयपुर शाखा की जमीन संबंधित जो पत्र छापा था, उसके जवाब में जयपुर शाखा ने महासभा को 3 पत्र लिखे थे, जिनको तत्कालीन महासभा अध्यक्ष/मंत्री ने दरकिनार कर रखा था, वो आज डिजिटल पत्रिका में प्रकाशित किए हैं, जिससे सारा मामला स्पष्ट हो गया है कि बेवजह तूल देकर जयपुर शाखा की जमीन के मामले में श्री पारस चंद जैन खेड़ली को बदनाम किया जा रहा था।
    अध्यक्ष महोदय श्री त्रिलोक चंद जैन की जमीन संबंधित विस्तृत जांच रिपोर्ट से अब मामला क्लियर है, कि कहीं कोई विवाद है ही नहीं।

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