किसी भी जीवंत और प्रगतिशील समाज की पहचान इस बात से नहीं होती कि उसमें कभी वैचारिक मतभेद नहीं होते, बल्कि इस बात से होती है कि वह संकट के समय कितनी परिपक्वता और एकजुटता दिखाता है। विगत दिनों हमारी शीर्ष संस्था अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा में कुछ वैचारिक भिन्नताएँ और विवाद की स्थितियाँ बनीं लेकिन यह हमारे संपूर्ण पल्लीवाल जैन समाज के लिए अत्यंत गौरव और संतोष का विषय है कि सभी ने आपसी सूझबूझ, बड़ों के मार्गदर्शन और जैन धर्म के मूल सिद्धांत ‘अनेकांतवाद’ व ‘क्षमा’ को आत्मसात करते हुए उस विवाद का पूर्ण पटाक्षेप कर दिया है। महासभा में एक महत्वपूर्ण दायित्व को संभालते हुए मैंने हमेशा समाज हित को सर्वोपरि माना है। आज जब हम एक नए दौर की दहलीज पर खड़े हैं, तो समाज के प्रत्येक प्रबुद्ध नागरिक के समक्ष अपने विचार साझा करना मेरा परम कर्तव्य है।
*विवाद का समाधान, परिपक्व समाज का प्रमाण : संवाद से संभव हुआ समाधान*
विवाद चाहे कितना भी बड़ा हो, उसका हल अंततः टेबल पर बैठकर संवाद से ही निकलता है। महासभा के पदाधिकारियों ने भी यही राह चुनी। समाज के वरिष्ठ और निष्पक्ष श्रेष्ठियों की एक समझौता समिति का गठन किया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि समाज में आज भी नीति और न्याय जीवित है। हम सबको यह सदैव स्मरण रखना होगा कि पद और व्यक्ति अस्थायी हैं, परंतु हमारी महासभा और समाज का गौरव स्थायी है।
*समाज के नवनिर्माण का महापर्व :*
अब इस नवगठित समझौता समिति की देखरेख में महासभा के आगामी चुनाव संपन्न होने जा रहे हैं। इस मोड़ पर हम सभी समाज बंधुओं की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है । समिति का उद्देश्य पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराना है। हमारा कर्तव्य है कि हम इस प्रक्रिया में अनुशासन बनाए रखें। चुनाव में बिना किसी गुटबाजी या व्यक्तिगत द्वेष के, केवल उन्हीं प्रत्याशियों का चयन करें जो समाज के विकास, शिक्षा, चिकित्सा और युवाओं के उत्थान के लिए समर्पित हों। चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा है। मतदान के बाद परिणाम चाहे जो भी हो, हमें हर कड़वाहट को भूलकर चुनी हुई नई कार्यकारिणी का कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करना होगा।
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा केवल एक संस्था नहीं, बल्कि देश भर में फैले हमारे पूरे पल्लीवाल जैन परिवार की रीढ़ है। यदि हम आपसी मतभेदों में उलझे रहेंगे, तो समाज के विकास की गति थम जाएगी। आज समय की मांग है कि हम पुरानी बातों को भूलकर एक सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।
आइए, इस चुनाव को विवाद का अंत और विकास की नई शुरुआत बनाएं। हम सब मिलकर एक ऐसी मिसाल पेश करें जिसे हमारी आने वाली युवा पीढ़ी देखकर गर्व महसूस कर सके। मैं समिति के चारों सदस्य श्रीमान राजेंद्र जी जैन लक्ष्मणगढ़, श्रीमान एमपी जैन साहब ,श्रीमान ओमप्रकाश जी जैन साहब और श्रीमान अशोक जी नौगावा को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने अपने अथक प्रयासों से समाज को संगठित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जय जिनेंद्र।
आपका अपना,
*पारस चंद जैन, खेड़ली*