श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

सब कुछ नश्वर है

दुनिया में लाखों जीव है लेकिन इंसान ही एक ऐसा जीव है जो संग्रह करता है !सारे जीव पेट भरने के लिए दौड़ते हैं और इंसान पेटी भरने के लिए दौड़ता है !सभी जीवो का पेट भर जाता है लेकिन इंसान की पेटी कभी नहीं भरती है !

इंसान एक सामाजिक प्राणी है और उसे समाझ में रहने के लिए धन की आवश्यकता पड़ती है ! संत कहते हैं धन कमाना और धन का संग्रह करना कोई बुरा नहीं है ! जीने के लिए कमाने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सिर्फ कमाने के लिए ही जी रहे हैं तो इससे बुरी बात कोई नहीं है ! धन के पीछे तब तक भागो जब तक आपके मन की शांति खंडित ना हो, अगर मन की शांति खंडित होने लगे वहां पर रुक जाओ! संत कहते हैं जरूरत के लिए कमाओ और जरूरतमंदों के लिए कमाओ सिर्फ संग्रह करने के लिए मत कमाओ!

संत कहते हैं रुकी हुई चीज हमेशा सड जाती है चाहे फिर वह पानी हो, धन हो या ज्ञान हो, सब कुछ चलता रहना चाहिए चलते हुए पानी को रोकने के लिए उस पर बांध बनाई जाती है लेकिन उस बांध को बीच-बीच में खोलना पड़ता है जिससे फसल अच्छी हो सके! अगर किसी व्यक्ति के पास ज्ञान एकत्रित हो जाए तो उसे बांटना पड़ता है जिससे इंसानों की नस्ल अच्छी हो सके और किसी के पास धन एकत्रित हो जाए तो उसका दान करना पड़ता है जिस से समाज की शक्ल अच्छी हो सके !संत कहते हैं कि जब इंसान और इंसानियत को आवश्यकता पड़े तो अपने खजाने खोल देना चाहिए!

इंसान को एक सांस लेने के लिए दूसरी सांस छोड़नी पड़ती है तभी वह दूसरी सांस ले पाता है, अगर वह सांस लेता रहे पर छोड़े ना तो इंसान मर जाता है !भोजन करने के लिए मल विसर्जन करना बहुत जरूरी है अगर इंसान खाता ही रहे और निकाले ना तो इंसान का क्या हाल होगा आप जानते हैं! इसी प्रकार इंसान सिर्फ धन का संग्रह करता रहे और दान ना करें तो वह धन विनाश का कारण भी बन सकता है!

महेंद्र कुमार जैन (लारा)
अलवर

संत कहते हैं कि सब कुछ नश्वर है ! जो इंसान जीवन भर धन धन करता रहता है आखरी में उसका निधन हो जाता है और वह सब कुछ छोड़ कर चला जाता है !इसीलिए संत कहते हैं कि जोड़ना है तो ऐसी निधियों को जोड़ें जो कभी नष्ट नहीं होती ! भागना ही है तो रत्नत्र के पीछे भागो जो तुम्हें तार देगा !

धन्यवाद

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