जीवन एक अवसर है, श्रेष्ठ बनने का, श्रेष्ठ करने का और श्रेष्ठ को पाने का !
निश्चित ही मनुष्य जीवन परमात्मा द्वारा दिया गया एक श्रेष्ठ उपहार है ! मनुष्य जीवन की दुर्लभता जिस दिन किसी के समझ में आ जाएगी उस दिन कोई भी व्यक्ति जीवन का दुरूपयोग नहीं कर पायेगा !
जीवन वो फूल है, जिसमें काँटे तो बहुत हैं, लेकिन सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं है ! जीवन को बुरा केवल उन लोगों के द्वारा कहा जाता है, जिनकी दृष्टि फूलों के बजाय काँटो पर ही लगी रहती है !
काँटों पर दृष्टि रहेगी तो इसमें चुभन ही चुभन महसूस होगी पर फूलों पर दृष्टि रहेगी तो जीवन में सौंदर्य भी नजर आयेगा ! जीवन में सब कुछ पाया जा सकता है पर सब कुछ देने पर भी जीवन को नहीं पाया जा सकता !
जीवन का तिरस्कार नहीं अपितु इससे प्यार करो ! जीवन को बुरा कहने की अपेक्षा सदैव जीवन की बुराई मिटाने के लिए प्रयासरत रहें, यही जीवन कल्याण का मूल है !