श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

विनम्र श्रद्धांजलि

परम आदरणीय डा.श्री क्रांति कुमार जी जैन, जयपुर, संस्थापक अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा के दिनांक 10-9-2026 को हुए देहावसान से अत्यंत दुःख हुआ है।
आप वर्तमान अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा के संस्थापक,यह भी कहा जा सकता है कि आप महासभा के जनक थे। लम्बे अन्तराल से पल्लीवाल समाज का कोई संगठन नहीं था। आपने कोटा में कृषि विभाग में उच्च पद पर राज्य सेवा में कार्यरत रहते हुए,समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ समाज की एकता व उन्नति के लिए समाज को संगठित कर संस्था बनाने की रूपरेखा तैयार कर, क्रियान्वित करने के लिए दिनांक 20 अप्रैल 1969 को भरतपुर में स्थापना अधिवेशन आयोजित किया जिसमें आपका विशेष योगदान रहा था। इस अधिवेशन में समाज के एक अखिल भारतीय संगठन का गठन किये जाने का निर्णय लिया जाकर , महासभा का गठन किया गया उसका नाम ‘अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा’ निश्चित किया गया। महासभा के मुखपत्र, जिसका नाम श्री पल्लीवाल जैन पत्रिका रखें जाने का निर्णय भी किया गया। जिसका प्रकाशन आप द्वारा प्रारंभ कराया गया था। इस अधिवेशन में आप महासभा के महामंत्री निर्वाचित हुए थे।

महासभा के दिनांक 19- 20 सितंबर 1970 को अलवर में हुए प्रथम अधिवेशन में तथा दिनांक 24-25 दिसंबर 1972 को आगरा में हुएं अधिवेशन में आप महासभा के महामंत्री पद पर निर्वाचित हुए थे।
आप दिनांक 29 फरवरी, 1-2 मार्च 1976 को खेरली में हुएं तृतीय अधिवेशन एवं 27-28 फरवरी 1979 को ग्वालियर में हुएं चतुर्थ अधिवेशन में *अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए थे।
आप के 1976 एवं 1979 के अध्यक्षीय कार्यकाल में मैं स्वयं भी अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की कार्यकारिणी में कार्यकारिणी सदस्य पद पर निर्वाचित हुआ था। उस वक्त मै विधि का विधार्थी था, २४ बर्ष का सबसे कम उम्र का कार्यकारिणी सदस्य था। मैंने आप से बहुत कुछ सीखा था। आप का अपार स्नेह सदैव मुझे मिलता रहा।
आप सरल स्वभाव के बड़े ही दयालु , मिलनसार सबको साथ लेकर कार्य करने वाले, समाज के लिए पूर्ण समर्पित, निष्ठावान समाजसेवी थे।
आपने अपने कार्यकाल में गांव गांव एक दो कार्यकर्ताओं के साथ साइकिलो से भ्रमण कर महासभा की शाखाओं का गठन कर समाज को संगठित किया और महासभा को सक्रिय कर समाजोपयोगी अनेक योजनाएं प्रारंभ की थी। आप हमेशा और अंतिम समय तक महासभा के प्रति समर्पित एवं चिन्तनशील रहे। आपके गुणों के बारे में कितना ही लिखा जा सकता है। आप समाज की महान विभूति थे।
आप को पल्लीवाल जैन समाज सदैव याद करता रहेगा, निश्चित रूप से डा.श्री क्रांति कुमार जी जैन के देहावसान से सम्पूर्ण समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है।
हम,भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भगवान महावीर स्वामी से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे एवं परिवारजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

🙏🙏🙏
श्रीचन्द जैन
जयपुर।

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