श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

श्री आदिनाथ जयंती से श्री महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव – इंदौर

श्री 1008श्री आदिनाथ भगवान से श्री 1008श्री महावीर स्वामी भगवान तक की परंपराओं को स्मरण करते हुए वर्ष 2024 से इस 20 दिवसीय कार्यक्रम को धर्म नगरी के नाम से विख्यात शहर -इन्दौर में प्रारंभ किया गया, इस वर्ष भी 12 मार्च (चैत्र कृष्ण पक्ष नवमी)को भगवान आदिनाथ के जन्म महोत्सव के दिन से पदयात्रा( शोभा यात्रा) स्कीम नंबर 78 से प्रारंभ की जाकर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची जहां पर ध्वजारोहण किया गया। इसका समापन महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक दिवस( चैत्र शुक्ल तेरस)के साथ 30 मार्च को कांच के मंदिर से प्रारंभ एवं संपन्न हुआ। यह 12 मार्च की पदयात्रा ‌( शोभायात्रा )आचार्य वर्धमान सागर जी और आचार्य अभिनंदन सागर जी महाराज के शिष्य अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में दिगंबर जैन सामाजिक संसद (सगंठन), दिगंबर जैन सौशल गुरूप फेडरेशन एवं महावीर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। इस अवसर पर मुनि श्री द्वारा अपने प्रवचनों में धर्म, संयम और समाज में एकता के महत्व पर प्रकाश डाला, उसी दिन से 20 दिन तक विभिन्न महाराजों के द्वारा मंदिरों में अभिषेक, शांति धारा, पूजन के पश्चात पालकी सहित शोभायात्रा निरंतर निकालीं गई। इसके अलावा इन दिनों विभिन्न मंदिरों में तरह-तरह के विधानों ( शांति विधान, सिद्ध चक्र महामंडल विधान, भक्तांबर निधान)का आयोजन किया गया। लगभग सभी दिगंबर जैन मंदिरों में सायंकालीन आरती के पश्चात -भक्ति संध्या एवं भक्तांबर पाठ का आयोजन भी 20 दिनो तक नियमित रूप से किया गया।

20 दिनो तक जिनालयों में भगवान की पालकी एवं शोभा यात्रा का आयोजन मुनिश्री के सानिध्य में किया गया,इसी के अंतर्गत 18 मार्च को अनंतनाथ एवं अरहनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस पर वैभव नगर स्थित पदम प्रभु जिनालय से मुनि पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में सुबह 7:00 बजे पालकी यात्रा निकले जाने के पश्चात उदय नगर जिनालय में आर्यिका मां विज्ञान मति माताजी ससंघ के सान्निघ्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान में पहुंचकर मुनि श्री ने कहा सिद्धो की आराधना से पापों का नाश होता है अतः अभी से ही बच्चों को भी विधान में आगे लाना चाहिए एवं युवाओं को धर्म, संस्कार तथा स्वाध्याय से जोड़ना चाहिए।
पंचबालयति जिनालय में आध्यात्मिक संस्कार जीवन जीने की कला और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने के उद्देश्य से जैनत्व बाल संस्कार शिक्षण 8 दिवस का शिविर लगाया गया,इसके माध्यम से बच्चों एवं युवाओं को धर्म, संस्कृति, अनुशासन- कर्तव्य निष्ठा की शिक्षा दी गई।

इन 20 दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम के तहत 27 मार्च से 29 मार्च तक मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के मार्गदर्शन में
एयरपोर्ट रोड स्थित नृसिंह वाटिका में मंत्राक्ष” ध्यान शिविर” का आयोजन किया गया, इसके अलावा सामूहिक आत्म साधना एवं मंगलाचरण कराई गई।
श्री सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर, तुलसी नगर में एम वाय अस्पताल के सहयोग से भगवान “आदिनाथ जयंती से महावीर जयंती” तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत रविवार 22 मार्च को वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

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