श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

जयपुर में दिनांक 30 मार्च, 2025 को आयोजित बैठक का कार्यवाही विवरण

केन्द्रीय कार्यकारिणी की जयपुर में दिनांक 30 मार्च, 2025 को आयोजित बैठक का कार्यवाही विवरण

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा की केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार दिनांक 30 मार्च, 2025 को प्रातः 11.15 बजे श्री पल्लीवाल जैन भवन, मानसरोवर, जयपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री त्रिलोक चन्द जी जैन की अध्यक्षता में आयोजित की गई ।
बैठक में सर्वप्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय, महामंत्री, अर्थमन्त्री एवं समस्त पदाधिकारीगणों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। उसके पश्चात महिला मण्डल द्वारा स्वागतगान किया गया। सभी पदाधिकारियों को मंचासीन कर उनका स्वागत और सम्मान जयपुर शाखा द्वारा किया गया । साथ ही सभी कार्यकारिणी सदस्यों एवं विशेष आमन्त्रित सदस्यों का माला एवं दुपटटा पहना कर उनका भी स्वागत व सम्मान किया गया । उसके उपरान्त अध्यक्ष महोदय की अनुमति से विधिवत बैठक प्रारम्भ की गई।
महामन्त्री द्वारा सर्वप्रथम आज की बैठक का एजेण्डा पढ़कर सुनाया गया और एजेण्डे के अनुसार सर्वप्रथम गत बैठक दिनांक 1.12.2024 को बोदला शाखा आगरा में आयोजित की गई उसकी कार्यवाही विवरण का पठन किया गया जिसका सभी ने सर्वसम्मति से अनुमोदन किया । महामंत्री जी द्वारा एजेण्डे के अनुसार जयपुर शाखा द्वारा शाखा की चार हजार वर्ग गज जमीन पर महासभा को भवन निर्माण हेतु दिया गया सहमति पत्र सदन में पढकर सुनाया गया। उसके पश्चात महासभा के स्थाई कार्यालय एवं भवन निर्माण पर चर्चा करने के लिये सभी से सुझाव मांगे गये।
पवन जैन, तिजारा जयपुर शाखा के पत्र की प्रशंषा करते हुये स्वागत योग्य बताया। साथ ही उन्होनें जयपुर शाखा अध्यक्ष और मन्त्री से निवेदन किया कि एक बार इसके लिये आम सभा में इस प्रस्ताव को पास करा लिया जाये तो ज्यादा अच्छा रहेगा। हमें संभल के चलना होगा अन्यथा जबरदस्ती का विवाद खडा हो जायेगा। पूरी तरह से कानूनी राय लेकर कार्य को आगे बढ़ाना चाहिये। बाकी आज सदन बैठा हुआ है इतनी दूर दूर से लोग आये हुये हैं जो सबकी सर्वसम्मति राय होगी वो मंजूर होगी।
महावीर प्रसाद जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाखा का पत्र स्वागत योग्य है, अब समय नही है मेरा आप सभी से निवेदन है कि समय के अभाव को ध्यान में रखते हुये महासभा के पल्लीवाल भवन का निर्माण तुरन्त कराना चाहिये । इस कार्य में अध्यक्ष महोदय से भी मेरी चर्चा हुई उन्होने कहा कि कितने भी सम्मेलन बुला लो अब विरोध खतम नही होगा। मेरा सुझाव है इसमें बिलम्ब नही करना चाहिये । पैसा लगेगा तो भवन में ही लगेगा, विरोध तो होता ही रहेगा हमें मजबूती के साथ खड़ा रहना होगा और भविष्य के बारे में नही सोचना चाहिये और मेरा व्यक्तिगत तौर पर निवेदन है कि इस पर बिलम्ब न करते हुये महासभा भवन का कार्य को सुचारू रूप से शाखा और महासभा करे, यह कार्य स्वागत योग्य है ।
सुनीता जैन, भरतपुर उपाध्यक्ष – आज की मीटिंग अच्छे कार्य से शुरूआत होनी चाहिये इस कार्य में अब हमें देरी नही करनी चाहिये, पिछले दो सालों से देख रहे है कि यह गतिरोध समाप्त होने का नाम ही नही ले रहा। समय बचा नही है, इस कार्य को अतिशीघ्र करने का प्रयास करें, जिस दिन महासभा भवन बन जायेगा उस दिन सारे विरोधी भी आपके साथ मिल जायेगें। महासभा को इतिहास में नाम लिखाना है तो इस कार्य में देरी नही करनी चाहिये, आज सभी सदस्य पूरे सदन में एक ही पैनल के बैठे है तो अब देरी क्यों ? आप कार्य शुरू करो, सारा काफिला साथ हो जायेगा । अच्छे कार्य में बुरे लोगों को बुराई नजर आयेगी लेकिन सब सही हो जायेगा। महासभा का जो हाल हुआ, सहा नही जाता, हमारे पास एक यही विकल्प है कि काम करें और काम करके दिखायें । अध्यक्ष महोदय आप इस टीम के लीडर है इसको मूर्त रूप दें और
इस कार्य को तुरन्त शुरू करें इसी एजेण्डे में महिला सम्मेलन के लिये लिखा है उसकी चाहे जिम्मेदारी मुझे दे देना ।
महामंत्री जी ने कहा कि हमारे द्वारा कभी भी भेदभाव नही किया गया है आज की इस मीटिंग में विशेष आमन्त्रित सदस्यों में श्री देवकीनन्दन जी और श्री महावीर प्रसाद जी दिल्लीवाले और जयपुर शाखा के पूर्व अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कुमार जैन कैमरी और अन्य सदस्यों को भी आमन्त्रित किया गया था लेकिन वो नही आये।
महावीर प्रसाद जी जैन, मथुरा मैं मथुरा शाखा का 20 साल तक अध्यक्ष रहा हूँ, मैने भी मथुरा में एक सम्मलेन कराया है। मुझे यहां किस हैसियत से बुलाया गया है ये तो मुझे नही पता, पर आज जो परिस्थितियां हैं उनके बारे में जरूर मुझे पता है, इस विवाद को खतम करने के लिये, अलवर में बहुत बडा सम्मेलन बुलाया उसमें भी मैं शामिल हुआ। सिघंई साहब की अध्यक्षता में सदभावना कमेटी बनाई इसमें भी महेश जी नही आये लेकिन सम्मेलन के बाद महेश जी ने मथुरा में मीटिंग बुला ली। किस तरह की कार्यवाही हुई सबको पता है, अब तो पत्रिका वालों ने मेरे यहां पत्रिका ही बन्द कर दी, मेरी राय है महासभा भवन बनना चाहिये जिसमें महासभा का कार्यालय हो, जो तथाकथित महासभा है उसको अपने हिसाब से चलने दो। हमसे इस भवन के सहयोग के लिये जो भी होगा हम देंगे और पूरे सदन से निवेदन है कि थोडा थोडा सब देवें। वैसे तो हमें मंच मिलता नही, हमेशा भामाशाहों को मंच मिलता है लेकिन आज मिला है तो मैं यह कहता हूँ कि महासभा भवन निर्माण में किसी भी तरह की पेचिदगी या रुकावट आयेगी उसको दूर करने में मेरा पूरी तरह से सहयोग रहेगा। शादी विवाह की भी अपने समाज में एक बडी समस्या है ? हम सबको इस पर भी विचार करना चाहिये ।
सुरेन्द्र कुमार जैन, राष्ट्रीय संगठन मन्त्री महासभा भवन निर्माण करे, क्योंकि महासभा का आज तक कोई भवन नही है आज शुभ दिन हमारी देहरी पर आकर खड़ा है फिर हम इसमें क्यों देरी कर रहे है। आज जब इस शुभ कार्य में जयपुर शाखा और महासभा इतिहास रचना चाह रही है तो इसमें देरी ना करें। आज ही इस कार्य की घोषणा करनी चाहिये। जब आज महासभा का सुन्दर चित्रण रखा जा रहा है फिर क्यों इसको बखेडे में रखा जा रहा है। उठो, चलो, सुन्दर मुहुर्त लगायें और भवन निर्माण करायें ।
एक आप सब कह रहे हो कि
मुकेश चन्द जैन, अलीपुर, कार्यकारिणी सदस्य, जयपुर भवन बनाना, सब तैयार तो हो, लेकिन आप ये गलत फहमी अपने दिमाग से निकाल देना क्योंकि सामने वाले चुप नही बैठेंगे, अपन को विचार करना पडेगा । पूरा कार्य सोच समझ कर करना पडेगा। सामने वाले का तो एक ही मन है कि काम ही नही करने देना कुछ न कुछ बखेडा खडा करना है। इसलिये कोई भी कार्य सोच समझ एवं विचार करके ही करें। कुछ अपने ही हैं जो पीठ पीछे छुरा घोंपते रहते है । यहां कुछ कहते है और पीछे कुछ और कहते है । ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा ।
रमेश चन्द जैन पल्लीवाल, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री – आज जो यहां उपस्थित है, मस्तिष्क से परिपूर्ण है, कौन क्या कर रहा है, कैसे कर रहा है, इधर उधर की बातें करना समय खराब करना है । महासभा का जो विधान है शाखाओं की जितनी भी प्रोपर्टी है उनकी मालिक महासभा है, महासभा, भवन बनाने जा रही है जिसका पूरा कार्य जयपुर शाखा देखेगी, जयपुर शाखा ने अपने प्रयासों से इतनी बडी उपलब्धि हासिल की है कि निशुल्क 4000 वर्गगज जमीन समाज को मिली है तो इससे सुन्दर काम कोई हो नही सकता। इस जमीन पर महासभा भवन निर्माण कराये और जयपुर शाखा उसका पूरा सहयोग करे इससे अच्छा काम क्या होगा। अपने पास जमीन पर अपना कब्जा है, मालिकाना हक अपने पास है, तो इस कार्य में देरी क्यों ? शाखा महासभा के इस कार्य को सम्पन्न कराये। इस कार्य की शरूआत करते हुए सबसे पहले इस भवन में एक कमरा निर्माण की घोषणा मैं करता हूं। उपस्थित सभी सदस्यों ने जोरदार तालियों के साथ अनुमोदना की।

पदमचन्द जैन, वकील साहब, क्षेत्रिय संगठन मन्त्री, मुरैना पल्लीवाल भवन बनना चाहिये, इससे अच्छी बात हो ही नही सकती। सभी का सहयोग होना चाहिये एकजुट होकर आज ही उद्घाटन करें। आज हम सब यहां पर हैं आज ही उस भवन पर चलें, चलकर शिलान्यास कर लेना चाहिये। विरोध तो हमेशा चलता रहेगा। इसकी परवाह ना करते हुये हम सबको एकजुट होकर एक ही भावना से पल्लीवाल भवन के निर्माण कार्य में सहयोग एवं साथ देना चाहिये । बन्धुओ विरोध तो होते रहेगें किया की प्रतिक्रिया चलती रहेगीं हमको सबको मन में एक ही ठान लेना है कि भवन निर्माण में सहयोग करना है।
वी. के. जैन साहब, पूर्व अध्यक्ष, अलवर बहुत अच्छी बात है, जयपुर शाखा और महासभा संयुक्त रूप से मिलकर भवन का निर्माण करायेगें लेकिन जिस भी क्षेत्राधिकार में वो जमीन है वहां से परमिशन लेकर कार्य को आगे बढाना चाहिये, मेरा सभी से निवेदन है इस कार्य में सभी सहयोग करें, क्योंकि इससे अच्छा कोई कार्य हो नही सकता। मेरी तरफ से भी इस भवन निर्माण कार्य हेतु मैं 1 लाख रूपये देने की घोषणा करता हूँ। उपस्थित सभी सदस्यों ने जोरदार तालियों के साथ अनुमोदना की।
मगनचन्द जैन, अलवर, पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री जो मेरे मन में था उसको रमेश जी भाईसाहब ने पहले ही कह दिया । शाखा और महासभा का रजिस्ट्रेशन क्रमांक एक ही है । महासभा भवन बनाये, भवन के निर्माण हेतु पैसे तो वैसे ही इकटठे हो जायेगें, अपने समाज में दानदाताओं की कोई कमी नही है लेकिन सबसे पहले एक प्रारूप तैयार करे कि भवन के कमरे का नकरा कितने का होगा, किस किस के नाम लिखाये जावेंगे और जो भी लीगल फोरमलटीज है उनको पूरा कर कार्य प्रारम्भ करें जिससे कोई दिक्कत नही आये क्योंकि कुछ लोग इसमें भी दिक्कत करेंगे और ऐसे 8-10 लोग ही है जिनके हौसले बुलन्द है अभी उन्होनें बैंक से पैसा निकाल लिया हमने क्या कर लिया ? जिन्होने पूरे समाज को खडडे में डाल दिया है, उन लोगों से भी अपन को फेस करना है, जब तक हम फेस नही करेगें तो वो हावी होते रहेगें, उनको समाज से कोई मतलब नही है, चाहे समाज खडडे में जाये क्योंकि जो खुद खडडे में गिरे हुये है तो उनको समाज से मतलब ही क्यों रहेगा? मैं यहां उनका नाम लेने की जरूरत नही समझता, सबको पता है और फेस करने के लिये अध्यक्ष और मंत्री की कोई जिम्मेदारी नही है इसकी पूरी जिम्मेदारी हम सबको लेनी पडेगी हम सबको जबाव देना होगा आप चाहें कितने ही कोर्ट केस कर लेना उनसे भी उनको कोई फर्क नही पडना, वो तो स्वयं ही चाहते है कि कोर्ट केस होते रहे और समय निकलता रहे। इसलिये भवन बनाओं लेकिन प्रक्रिया से चलना पडेगा ।
हिमानी जैन, जयपुर, मन्त्री, महिला मण्डल मेरा यह कहना है कि सब मिल कर कार्य करें तो अच्छा रहेगा, लेकिन इससे पहले ये लडाई झगडे खतम करें, भवन इतना जरूरी नही है, भवन तो बनता रहेगा। क्योंकि इस बात से हमारे बच्चों में गलत संदेश जा रहा है। हम सबको महासभा को एक करने का प्रयास करना चाहिये ।
त्रिलोक जी जैन, अध्यक्ष वो सब ठीक है लेकिन आप यह बताओं कि 2 साल से अपन क्या कर रहे है, लडाई झगडा खतम करने में लग रहें है, सामने वाला चाह ही नही रहा है, तो इसका मतलब काम ही बन्द कर दें । वार्तालाप के लिये आज भी रास्ते खुले हुये हैं ।
पारस जैन, खेरली, महामन्त्री – मैं सदन को बताना चाह रहा हॅू कि हिमानी जी का सुझाव अच्छा है, लेकिन हमारे द्वारा लडाई झगडे को खतम करने के लिये सारे प्रयास किये जा चुके हैं लेकिन वो खतम ही नही करना चाह रहे तो इसका मतलब यह नही है कि हम काम ही ना करें। साथ में काम भी चलता रहे और समझौते का रास्ता तो हमेशा खुला हुआ है ही, लेकिन हम काम ही नहीं करें यह बिलकुल गलत है।
एकता जैन, आगरा, कार्यकारिणी सदस्य – बच्चों पर गलत असर पड रहा है लेकिन सामने वाले ये सोच ही नही रहे । हमारे परिवार को भी आगरा में अलग कर दिया था, उधर की टीम किसी को जोडना ही नही चाहती और जब मैं इधर कार्यकारिणी सदस्य बन गई जब मुझसे कहतें है कि आप इधर आ जाओं, मात्र 4-5 लोंगों ने आगरा में कब्जा कर रखा है और अपने हिसाब से काम करते है। आज अपनी टीम बहुत अच्छा कार्य कर रही है और भवन निर्माण होना चाहिए। एम. पी. जैन साहब, जयपुर, कार्यकारिणी सदस्य सारी प्रोपर्टी महासभा की है फिर हम क्यों कहते है कि महासभा का भवन नही है। यह स्पष्ट है कि महासभा का भवन नही है क्योंकि अलवर में अलवर का है जयपुर का जयपुर में है । पेनकार्ड और किसी के रजिस्ट्रेशन से ऐसा नही कि भवन महासभा का हो जायेगा । हमें महासभा का भवन बनाना चाहिये। साथ में समझौता के प्रयास भी हमेशा करते रहना चाहिये । एकता तो करनी ही पडेगी, गतिरोधों को दूर करके कभी न कभी समाज को एक साथ एक मंच पर आना ही पडेगा ।
बनवारीलाल जैन, जयपुर, कार्यकारिणी सदस्य- मैं सुनीता जी और रमेश जी भाईसाहब से सहमत हूँ, हर अच्छे कार्य का विरोध तो होगा ही, जब मैं जयपुर शाखा में था तब हमनें भवन बनवाया था उसमें भी खूब विरोध हुआ लेकिन बनने के बाद सब एक साथ हो गये और सभी ने इस कार्य बहुत प्रशंसा की ।
राजेश जी आगरा – महासभा का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है लेकिन ऐसा कोई कार्य नही हुआ, पता नहीं कौनसा चन्द्र ग्रहण लग रहा है, हमारा संगठन मजबूत ही नही हो रहा । भवन बनाओं, खूब बनाओ, पहले भी बाधायें आई है लेकिन हमारा संगठित होना बहुत जरूरी है हमारा भवन बनाना भी तभी सफल होगा जब हम सब एक छत के नीचे होगें । एकता के लिये प्रयास हमें करने चाहिये मेरा समाज से अनुरोध है कि संगठन मजबूत नही होगा तो कोई कार्य सफल नही होगा, वार्तालाप चालू रखें प्रयास करते रहे। हमें चिन्तन करना होगा क्योंकि अब चुनाव का समय भी आयेगा, कि चुनाव कैसे होगें ।
मगन जी, अलवर – मेरा सदन में सभी से निवेदन है कि सदन की कार्यवाही में एजेण्डे के हिसाब ही बात करें क्योंकि एजेण्डा बहुत बडा है, हम सब लोग बार बार में एकत्रित नही हो सकते।
करूणा जी, मध्यप्रदेश – मैं महासभा से काफी समय से जुडी हुई हॅू, पल्लीवाल समाज एक है, महासभा एक है और एक ही रहेगी। यह महासभा ही पल्लीवाल समाज की पहचान है । आप सभी कार्य करें, हम सभी इसमें सहयोग करेगें ।
महावीर जी मथुरा, – साधारण सभा का निर्णय सर्वमान्य होता है उनके कहने से कुछ नही होता, जनरल बॉडी का निर्णय आखिरी निर्णय चुनाव समय पर होगें और जो आज महासभा है वो ही चुनाव करायेगी, रही भवन की बात जो डर गया वो मर गया आप भवन बनाओं ।
महामंत्री जी द्वारा कहा गया कि आज पूरा सदन बैठा हुआ है सभी ने अपने अपने विचार रखे लगभग सभी के द्वारा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई तो आप सभी हाथ खड़े कर भवन निर्माण का प्रस्ताव पारित करने की स्वीकृति प्रदान करें। सभी के द्वारा हाथ खडे कर सर्वसम्मति से भवन निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया ।
श्रीचन्द जैन, जयपुर, पूर्व महामंत्री – आज अच्छी चर्चा का विषय चल रहा है । महासभा भवन बनना चाहिए। साथ में इसकी नियमावली भी बननी चाहिए जिसकी सब पालना करते रहें। रही बात एकता की एकता के प्रयास के रास्ते खुले हुये है और प्रयास करते रहना चहिये साथ में काम करते भी रहिये, पर जो लोग एकता की बात कर रहे हैं वो अपने सुझाव भी बतायें कि किस तरह एकता करें। सबसे बडी बात कि जो समस्या पैदा हो रही है वो विधान की जानकारी के अभाव में हो रही है अभी अलवर में सम्मेलन किया उनको ये ही नही पता कि अविश्वास प्रस्ताव चुने हुये पदाधिकारियों के खिलाफ लिया जाता है लेकिन उन्होने मुकेश जी, मगन जी, अमित जी जो कार्यकारिणी के सदस्य ही नही थे, के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर निकाल दिया। ये विधान के विपरीत है अगर प्रारम्भ से ही विधान के अनुसार ही चलते तो आज ये परिस्थिति उत्पन्न नही होती, पहले पदमपुरा में विधान की अवहेलना हुई फिर महावीर जी में घोर अवहेलना की गई और जब तक विधान की पालना नही होगी जब तक ये विवाद सुलझेगा नही । जब भी ये विवाद सुलझेगा वो विधान से ही सुलझेगा । हमें विधान की जानकारी के लिये एक प्रशिक्षण शिविर लगाना चाहिये जिससे विधान की जानकारी प्राप्त हो । हमारे ऐसे ऐसे पदाधिकारी जिनको विधान की जानकारी ही नही है और मैं कहूंगा और मेरे लिये आश्चर्य है कि अध्यक्ष जी ने जो भी कार्य किये है वो विधान अनुसार किये है और इन्होनें एक बार में ही पूरे विधान को समझ लिया और आज मैं फार्मूला बता रहा हॅू कि विधान ही एकता करायेगा ।
अभी मैने कुछ दिनों पहले देखा कि एक सज्जन ने व्हाटसऐप पर लिखा है कि कार्यकारिणी के सदस्य न होते हुए भी महामंत्री बना दिया, ये जितना भी घटनाक्रम चल रहा है वो विधान की जानकारी न होने के कारण चल रहा है जबकि विधान की धारा 16 ( 2 ) में स्पष्ट लिखा हुआ है कि कार्यकाल के मध्य में कार्यकारिणी के रिक्त पद की पूर्ति कार्यकारिणी, प्रतिनिधियों में से मनोनयन कर सकेगी। प्रतिनिधि सदस्य वो है जो महासभा का सदस्य हैं।
पवन जी जैन, तिजारा

एक समन्वय समिति और बनानी चाहिये, पहली तो फैल हो
गई, अब पुनः 10-15 आदमी इधर से लो और 10-15 आदमी उधर से लो जिसकी पहल मैं स्वयं करता हूँ । एकता बनना बहुत जरूरी है।

त्रिलोकचन्द जी जैन, अध्यक्ष, महासभा यहां बात चल रही है एकता की, तो सबसे पहले मैं ये ही बताना चाह रहा है पिछले दो साल से हम एकता का ही प्रयास कर रहे हैं। कुछ 4-5 लोग इसका समझौता कभी नही होने देगें। आप देखिये जो व्यक्ति अलवर सम्मेलन में ढाई-तीन हजार लोगों की बात नही मान रहा, समाज की बात नही मान रहा, वो दस-बारह सदस्यों की बात मानेगा? क्या ये संभव है ? हमारे द्वारा अलवर अधिवेशन विधानानुसार किया गया था और इससे बडी कोई ताकत नही है। फिर भी सद्भावना के लिये हमारे रास्ते हमेशा खुलें हुये है, आप जहां भी बुलायेंगे मैं चलने के लिये तैयार हूँ। हमारे महामंत्री जी को श्री देवकीनन्दन जी ने एक प्रस्ताव दिया था जिसको मैनें स्वीकार किया लेकिन उनका कोई जबाब नही आया और कोर्ट की तारीख के एक दिन पहले कहते हैं कि आप अलवर मीटिंग में आ जाओ, आप स्वयं बताइयें महेश जी द्वारा बुलाई गई मीटिंग में क्या आप सब लोगों को छोड कर वहां चला जाता तो क्या ये उचित होता ।
मेरे पास श्री महावीर प्रसाद जी दिल्ली का भी अलवर में मीटिंग से उस समय फोन आया था कि हम समझौते के लिये आपकी गारन्टी ले लें क्या ? मैंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज हित में कभी पीछे नही हटूंगा आप बिलकुल गारन्टी ले लें, पर उनको ये नही पता था कि उनकी गारन्टी का बन क्या रहा था, जो पहले से ही सोच कर आये थे तो वो तो उनको करना ही था। बल्कि अब ये लोग महासभा को तोडने का काम कर रहे हैं। बल्कि एक तरह से पल्लीवाल समाज को तोडने का एजेण्डा चला रखा है। मुझे तो आज तक ये समझ नही आ रहा कि विरोध का कारण क्या है। महेश जी मेरा फोन उठाते नही है मेरा फोन ब्लाक कर रखा है। अभी महावीर प्रसाद जी दिल्ली ने एक लेख लिखा कि समझौते के लिये शीर्ष नेतृत्व को पहल करनी चाहिये। हमारे महामंत्री जी ने इस मीटिंग के लिये उनको पत्र भी दिया और फोन भी किये। मैने भी निवेदन किया लेकिन महावीर जी आज की मीटिंग में नही आये । उनको मैं बताना चाहता था कि अभी तक समझौते की जो भी पहल की गई है वो मेरे द्वारा ही की गई है और सारे प्रयास कर चुके हैं।
मुझ पर बार बार कोर्ट जाने का आरोप लगाया जा रहा है। मैं आपको स्पष्ट बताना चाह रहा हूँ कि मैने पहली बार कोर्ट में केस किया है वो भी समाज के विघटन को रोकने के लिय, जो मेरी जिम्मेदारी है। इससे पहले कार्यकारिणी सदस्यों ने किया था क्यों किया था, क्योंकि उनके अधिकारों का हनन हो रहा था। दूसरा अलवर के कार्यकारिणी के सदस्यों ने किया, उनके साथ क्या किया जो निर्वाचित सदस्य थे उनको बाहर बैठा दिया, अब आप बताओ मैनें क्या किया ? हम विधवा सहायता दे रहे थे, बैंक में महेश जी के द्वारा अवरोध उत्पन्न किया गया, उन्होने बैक के महासभा के खाते से पैसे निकाल लिये, क्या उनके खिलाफ कार्यवाही नही करते ? जिससे विधवा सहायता रूकी, हमनें अपने व्यक्तिगत खाते से पेंशन का भुगतान किया हालांकि ये
स्थाई समाधान नही है इसलिये इस पर भी हमें विचार करना पडेगा । हमें विधवा सहायता के बारे में सोचना पडेगा ।
हम आज भवन निर्माण की बात कर रहे हैं, मेरे मन में आया था कि विधवा आश्रम / वृद्धाश्रम / अनाथाश्रम ही बन जाये और भगवान की ऐसी कृपा रही है जो हमें ऐसी जमीन मिली है, जयपुर शाखा के प्रयासों से 4000 वर्गगज जमीन, हम चाहें भी तो खरीद नही सकते । लेकिन कहतें है अगर प्लाट है तो मकान भी बन जायेगा। इसको तीन खण्डों में बांट दिया जाये, एक समाज की इनकम के हिसाब से, दूसरा विधवा आश्रम / वृद्धाश्रम और अनाथाश्रम के लिये मेरा विचार है आप सभी अपने अपने विचार रखे, हम सभी आज भवन बनाने के लिये सहमत है । कोई भी कुछ कहना चाहता है तो आये, अन्यथा सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित किया जाता है। अब हम विचार करें कि भवन बनेगा कैसे ? क्योंकि आज की तारीख में भवन आधुनिक तरीके से बनेगा और इसमें करोडों रूपये चाहिये, इसके लिये हमें सहयोग राशि की आवश्यकता होगी जिसमें हमें कमरों के दरवाजों के और अलग अन्य चीजों के नकरे रखने पड़ेंगे और उस सहयोग राशि से यह भवन बनेगा। इसके हर नकरे के लिये राशि तय करनी पडेगी ।
मगन जी, अलवर मेरा सुझाव है आज बहुत अच्छी चर्चा चल रही है इसका एक प्रारूप तैयार किया जाये और एक कमेटी बनाकर इसका नक्शा बनाया जाये और उसे उसी जगह पर चाहे एक महिने बाद ही शिलान्यास करें वहीं विस्तृत रूप से बताया जाये। क्योंकि प्रारूप तैयार होगा तो वह सबके लिये अच्छा मैसेज जायेगा ।

संजय जैन, अलीपुर, जयपुर- मेरा सुझाव यह है कि भवन का रोडमेप तैयार हो, नक्शे बनवाये जायें, एक कमेटी का गठन किया जाये, और कितनी कोस्टिंग आ रही है उस हिसाब से सहयोग राशि तय की जाये।
महामंत्री जी द्वारा कहा गया कि इस कार्य के लिये निश्चित रूप से एक कमेटी गठित की जायेगी और वो कमेटी आज ही बनाई जावेगी। वो कमेटी ही भवन निर्माण की सारी प्रक्रिया तय करेगी।
अध्यक्ष महोदय मैं भी कमेटी के ऊपर आ रहा था, और आज जयपुर मीटिंग करने का कारण भी यही है की मीटिंग समाप्त होते ही हम उस जगह पर चलें लेकिन समय अब इतना हो गया कि अब सभी का चलना संभव हो नही पायेगा। लेकिन शिलान्यास करेंगे जिस दिन सभी को वहां बुलायेगें बल्कि मैं तो यह कह रहा हॅू कि उसी दिन युवक सम्मेलन कराया जाये, उसी दिन महिला सम्मेलन कराया जाये और रोजगार मेला भी उसी दिन कराया जाये ।
महावीर प्रसाद जी, महुवा, कार्यकारिणी सदस्य – अध्यक्ष साहब, महासभा का भवन बनेगा आज ये प्रस्ताव पारित किया गया है, अब कमेटी बनायें ।

महामन्त्री जी ने सदन में सभी से कहा जिसके पास समय है जो तन मन धन से कार्य कर सकता है चाहे धन नही हो और समय दे सकता हो तो सबसे पहले इच्छुक सदस्य वो इस कमेटी में अपना नाम लिखावे । कल को ऐसा नही हो कि हमसे पूछा नही । बारी बारी सभी से पूछा गया तो एम. पी. जैन साहब, प्रदीप जी सहमन्त्री, जयपुर, वी.के. जैन साहब, अलवर, हेमा जी और पलास जी आगरा से, धरम चन्द जी, सुरेश जी पालम से, महावीर प्रसाद जी जौरा से, संजय जी अलीपुर जयपुर से, योगेश जी आगरा से, अमित जी ढाकपुरी, अलवर, महावीर प्रसाद जी महुवा सुनीता जी भरतपुर से साथ में जयपुर शाखा के पदाधिकारी और महासभा के पदाधिकारी अध्यक्ष, मन्त्री और अर्थमन्त्री कमेटी के सदस्य रहेगें। साथ ही आवश्यकता होने पर इसके अतिरिक्त अन्य सदस्य को मनोनीत करने हेतु कमेटी को अधिकृत किया गया।
महामन्त्री द्वारा अगले एजेण्डे पर चर्चा की गई कि महासभा व शाखाओं का प्रगति प्रतिवेदन पर जिसमें महासभा, पालम शाखा और जयपुर शाखा द्वारा अपना प्रगति प्रतिवेदन पढ कर सुनाया गया। इसको अलग से प्रकाशित किया जा रहा है ।
सामूहिक विवाह सम्मेलन पर चर्चा की गई । अध्यक्ष महोदय द्वारा कहा गया कि सभी शाखाओं को सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिये विवाह योग्य जोडे तैयार हेतु निवेदन किया गया।

हम सब भी पूरी तरह से लगे हुये है और भगवान ने चाहा तो जिस दिन भवन का शिलान्यास होगा उसी दिन विवाह सम्मेलन करा देगें ।
पालम शाखा से मन्त्री श्री सुरेश जी ने शाखा प्रगतिवेदन पढ़ कर सुनाया ।
जयपुर शाखा में अध्यक्ष श्री राजेन्द्र प्रसाद जैन साहब ने जयपुर शाखा का प्रगति प्रतिवेदन पढ कर सुनाया ।

हेमा भाई, कार्यकारिणी सदस्य — इनके द्वारा कहा गया कि आगरा में भी 1000 गज जमीन है इसमें भी अगर महासभा भवन बनाये तो अच्छा रहेगा क्योंकि आगरा शाखा के लिये कार्यक्रमों के लिये भवन किराये पर लेना पडता है। मेरा निवेदन है कि महासभा इसके बारे में भी विचार करे ।

जयन्ती जैन, आगरा, कार्यकारिणी सदस्य आगरा — शाखा की प्रगति के बारे में बताया कि आगरा बोदला शाखा ने हाल ही के ही दिनों में बहुत अच्छे कार्यक्रम कराये जिसमें होली मिलन समारोह, नियमित रूप से विधान का आयोजन और महिला मण्डल ने बढचढ कर कार्यक्रमों में भाग लिया।

शेखर चन्द जी, जयपुर, पूर्व महासभा अध्यक्ष —अभी जो समाज में वातावरण दूषित चल रहा है और अब मुझे उम्मीद भी नही है कि सही होगा। भवन निर्माण का सुझाव बहुत अच्छा है मेरी बहुत बहुत शुभकामनायें व बधाई देता हूं कि ये कार्य सफल हो और महासभा का भवन बनकर तैयार हो ।
माजी जैन, जयपुर, अध्यक्ष महिला मण्डल – समाज की एकता के लिये महिला मण्डल का चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हुआ और हमनें एक यूनिट होकर मिलकर कार्य किये जिसमें हमने जयपुर शाखा के 2 अक्टूबर के आयोजन व होली मिलन समारोह, महावीर जयन्ती जैसे कार्यक्रमों में पूर्ण रूप से सहयोग किया और हमारे द्वारा भी महिने दो महिने में महिला मण्डल द्वारा कार्य किये जाते हैं। महासभा का अब जो गठन हुआ है सही हुआ है और अच्छे कार्य के लिये उन्होनें कदम बढाया है ।

मधुजी जैन, अलवर,— शाखा कार्यकारिणी सदस्य समाज कहने को तो बहुत बडा पल्लीवाल समाज है लेकिन इतना बडा होने के बाद भी समाज में गलत मैसेज दे रहे हैं, शाखाओं में गतिरोध पैदा हुआ है, लोगों में गलत को गलत कहने की हिम्मत नहीं है, गलत काम मे भी कोई विरोध नही करता। अगर हमें संगठित होना है तो गलत का विरोध करना पडेगा । हम अलवर समाज में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में निर्विचित हुये हैं लेकिन एक भी कार्यक्रम में अध्यक्ष और मंत्री नही बुलाते । हमें दूसरों से खतरा नही है हमें अपने समाज से ही खतरा है। इसलिये मेरा सभी से निवेदन है कि गलत का विरोध करें ।
ललित जैन, अछनेरा, कार्यकारिणी सदस्य ग्रामीण – हमारे द्वारा पल्लीवाल जैन समाज की कई यात्रायें कराई गई है जिसका हमने नामकरण भी जैन एकता मंच रखा है। अभी होली मिलन समारोह भी कराया गया है।
महामंत्री द्वारा एजेण्डे के अनुसार रोजगार मेला, युवक सम्मेलन एवं महिला सम्मेलन पर चर्चा की गई जिसमें तय किया गया कि इनका अधिवेशन अतिशीघ्र कराया जाये जिस दिन भवन का शिलान्यास हो या बडी सभा हो उसी दिन इनका भी सम्मेलन कराया जाये जिसमें महिला सम्मेलन के लिये उपाध्यक्ष सुनीता जी भरतपुर के साथ साथ एकता जी एवं करूणा जी को इस कार्य के लिए मनोनीत कर महिला सम्मेलन की जिम्मेदारी इनके उपर छोडी गई है। साथ में युवक सम्मेलन के लिये हमारे राष्ट्रीय युवा मण्डल के प्रतिनिधि श्री पलाश जैन के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों से युवाओं को लेकर युवा सम्मेलन कराया जाये। इसी तरह रोजगार मेले के लिये सदन में चर्चा की गई जिसमें पूर्व की भांति हमारे डिजिटल पत्रिका के संयोजक श्री राजेन्द्र कुमार जैन इनके पुत्र श्री आशिष जैन को संयोजक नियुक्त किया गया था और उनके साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष के पुत्र श्री अमित जैन को भी जिम्मेदारी दी गई। उक्त सभी कार्यों को सम्पन्न करने हेतु विस्तृत चर्चा उपरान्त महासभा पदाधिकारी नियुक्त लोगों से सम्पर्क कर आगे की तैयारी कर कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार करेंगे।
महामन्त्री जी द्वारा सदन में बताया गया कि हमारे पास कार्यकारिणी सदस्य एवं अन्य लोगों के फोन काल आये जिसमें कहा गया कि पिछले कार्यकारिणी सदस्यों को हटाये जाने के बाद जो भी कार्यकारिणी सदस्य तीन मीटिंग में अनुपस्थित है उनमें क्या कार्यवाही चल रही है। कृपया सदन बतावे क्या किया जाये ?
सदन में चर्चा के उपरान्त सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि विधानानुसार कार्यवाही करनी चाहिये। निश्चित रूप से जो तीन मीटिग में अनुपस्थित है उनको नोटिस देकर उनसे कारण पूछा जाये, जबाव ना आने पर कार्यवाही की जावे ।
सदन में पूर्व में रिक्त पदों पर आज जिनको मनोनीत किया गया है उनका परिचय आज सदन में कराया जा रहा है।
राजस्थान के महिला प्रतिनिधि की एक सीट खाली थी जिनको मनोनीत किया गया है वो आज हमारे बीच उपस्थित है । ।
श्रीमति रजनी जैन, अलवर को सर्वसम्मति से राजस्थान महिला प्रतिनिधि के रूप में मनोनीत किया जाता है। साथ ही उनका परिचय के साथ शपथ दिलाई गई।
श्रीमति करूणा जैन, मुरैना, महिला संयोजिका के पद पर मनोनीत किया जाता है, साथ ही उन्होंने अपना परिचय देकर शपथ ग्रहण की।
श्रीमति शोभा जी को मध्य प्रदेश से महिला सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। श्रीमती राजकुमारी जैन को मध्यप्रदेश से महिला सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। श्री राजेन्द्र कुमार जैन कोटा से जिनको कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत कर शपथ दिलाई गई
श्री निर्मल कुमार जी जैन, हिण्डोन से कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई। श्री धर्मचन्द जी जैन, देहली से कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शपथ दिलाई गई। श्रीमति करूणा जैन, राष्ट्रीय महिला संयोजिका द्वारा कहा गया कि मैं पिछले काफी समय से महासभा से जुड़ी हुई हूं। साथ में मैं मुरैना महिला मण्डल की अध्यक्ष भी हूं। आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद कि मुझे राष्ट्रीय महिला संयोजिका नियुक्त किया गया है।
सुभाष चन्द जी पालम मैं 11 साल से कई पदों पर रह चुका हूँ मैं पालम शाखा से हूँ मेरे लिये पद मायने नही रखता। मैं समाज सेवा में विश्वास करता हॅू और करता रहूंगा और दिलाई गई।
मगन जी, अलवर द्वारा सभी निर्वाचित सदस्यों को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाऐं और आशा है कि उपस्थित सभी सदस्य महासभा को उचाईयों तक लेकर जायेंगे। मेरा इस सदन से निवेदन है कि जिस तरह से जयपुर शाखा में वार्ड बनाये गये उसी तरह वार्डवाइज चुनाव अलवर शाखा में हुआ लेकिन वहां के अध्यक्ष व मंत्रियों की हठधर्मिता देखिये कि जो निर्वाचित हुये कार्यकारिणी सदस्यों को एक तरफ कर रखा है। ना उनसे कार्य के लिये पूछते है और ना ही उनको किसी कार्य हेतु बुलाते है। मतलब ये देखिये कि किस तरह से समाज में हठधर्मिता दिखा रखी है कि निर्वाचित हुये सदस्यों को शाखा से अलग कर रखा है। इसलिये मेरा सदन से निवेदन है कि जो आज एकता की बात कर रहें है इसका भी पुरजोर विरोध करें। साथ में इस पर भी कार्यवाही की जाये।
महावीर प्रसाद जौरा, जौरा में शाखा है, 15 साल हो गये लेकिन आज तक चुनाव नही हुये क्योंकि वहां पर रिश्तेदारियों का दबाव इतना है कि वो चुनाव ही नही कराना चाहते। अध्यक्ष महोदय हमारी शाखा की सुनवाई कब होगी और जौरा शाखा का उत्थान कब होगा ।

त्रिलोकचन्द जी जैन, अध्यक्ष महासभा — आज सदन में सभी बैठे हुये हैं, और सदन से मैं कहना चाहता हॅू कि जब तक ये महासभा का विवाद चल रहा है जब तक कोई भी शाखा चुनाव नही कराये। क्योंकि आपने देखा अभी आगरा में चुनाव कराये तो वहां दो शाखा बन गई ।

अभी अलवर में चुनाव हुये तो निर्वाचित सदस्यों को अलग कर दिया। तो मेरा सदन से आग्रह है कि समाज को विघटन से बचाया जाये और किसी भी तरह वैमनस्यता नही फैले। आज इस तरह से गुटबाजी हो गई है कि जहां भी चुनाव कराने की बात होगी वैमनस्यता बढती जायेगी इसलिये सबसे पहले जब तक महासभा का विवाद खत्म नही हो तब तक चुनाव नही कराये जाये । यही समाज हित में है क्योंकि चुनाव कराना समाज में विघटन कराना ।
सदन द्वारा सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक महासभा का विवाद खतम नही होता तब तक कोई भी शाखा चुनाव नही करायेगी ।
श्रीचन्द जी, जयपुर, पूर्व महामंत्री – मैं डिजिटल पत्रिका के बारे में कहूंगा कि थोडे से ही समय में हमारे संयोजक श्री राजेन्द्र कुमार जी जैन और सम्पादक श्री रमेश जी पल्लीवाल, सहसंपादक श्री संजय जैन, अलीपुर डिजिटल पत्रिका को इतनी उचाईयों पर ले गये जितनी प्रशंषा की जाये वो कम है। लेख में भी देखें अच्छे अच्छे लेख डिजिटल पत्रिका में आते हैं, सभी तरह के समाचार अब पत्रिका में प्रकाशित होने लगे हैं। आज के डिजिटल युग में यह पत्रिका समाज के प्रत्येक सदस्य के मोबाईल पर बहुत ही आसानी से उपलब्ध है। आज पूरे भारत के पल्लीवाल क्षेत्र में इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता की चर्चा है।
महामन्त्री – गत मीटिंग में हमने दूरभाष निर्देशिका का और विवाह सम्मेलन का निर्णय लिया था जिस पर हमारा कार्य जारी है एम. पी. जैन साहब दूरभाष निर्देशिका के संयोजक है जो कि हर क्षेत्र से अपनी टीम बनाकर डाटा कलेक्ट करेंगे और अगली पत्रिका में इसका फार्म एवं सूचनाऐं भेज दी जायेगीं । हर क्षेत्र से नाम भी आये लेकिन इसकी जिम्मदारी श्री एमपी जैन पर छोड़ दी कि वो क्षेत्रवाईज बात कर इस कार्य को आगे बढावें ।

मगन जी, अलवर, – आज की व्यवस्था के लिये सबसे पहले मैं जयपुर शाखा को बहुत बहुत धन्यवाद कहना चाहूंगा और साथ में हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा जयपुर शाखा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जी जैन, मन्त्री श्री मनोज कुमार जी जैन एवं सभी कार्यकारिणी सदस्यों का सम्मान किया जाये ।
महामन्त्री जी द्वारा शाखा के सम्मान के लिये अध्यक्ष सहित पूर्ण कार्यकारिणी को आमन्त्रित किया और उनका स्वागत सम्मान किया गया।
अध्यक्ष महोदय द्वारा आये हुये सभी लोगों का एवं जयपुर शाखा का आभार व्यक्त करते हुये मीटिंग समाप्ति की घोषणा की गई। इसके उपरान्त जयपुर शाखा के अध्यक्ष द्वारा भोजन ग्रहण करने हेतु उपस्थित सभी सदस्यों से विनम्र निवेदन किया गया ।

पारसचन्द जैन (खेरली)
महामंत्री
अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

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