श्री पल्लीवाल जैन डिजिटल पत्रिका

अखिल भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा

(पल्लीवाल, जैसवाल, सैलवाल सम्बंधित जैन समाज)

आभार—–

सादर जय जिनेन्द्र !

सर्वप्रथम भाद्रपद के माह में पर्युषण महापर्व की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं आशा है आप सभी के व्रत-उपवास सुख साता से सम्पन्न हो गये होंगे। इसके लिए आप सभी को हार्दिक बधाई । श्वेताम्बर आमना में पर्युषण का अन्तिम दिन और दिगम्बर आमना में पर्युषण का प्रथम दिन क्षमा को समर्पित है अर्थात् क्षमा शुभारम्भ भी है और शिखर भी है। दोनों ही परम्पराओं में पर्युषण महापर्व की आराधनाएं क्षमा के साथ जुड़ती हैं।
“क्षमा वीरों का आभूषण है” क्षमा मांगने से अहंकार ढलता और गलता है, तो क्षमा करने से सुसंस्कार पलता और चलता है। क्षमा, शीलवान का शस्त्र और अहिंसक का अस्त्र है। क्षमा, प्रेम का परिधान है क्षमा विश्वास का विधान है। क्षमा, सृजन का सम्मान है। क्षमा नफरत का निदान है। क्षमा, पवित्रता का प्रवाह है ।
इस पावन महापर्व पर मेरी वाणी शब्दों या व्यवहार से अथवा किसी भी प्रकार से जाने-अनजाने में हुई समस्त गलतियों के लिए मन, वचन, काया से मिच्छामि दुक्कड़म, उत्तम क्षमा ।
महासभा के 26 अगस्त, 2024 को प्रतिनिधि सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह के मध्य महासभा के प्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से मुझपर विश्वास कर महामंत्री पद का मुझे दायित्व सौपा गया। इसके लिए सम्पूर्ण समाज का हृदय की गहराइयों से आभार और बहुत-बहुत धन्यवाद ।
एकाएक मिली इस जिम्मेदारी से मैं हतप्रभ हूं। मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं, व्यक्त करने के लिए आप सभी ने जिन अपेक्षाओं के साथ मुझे इतनी महत्तवपूर्ण जिम्मेदारी दी है, मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए तन-मन-धन से हमेशा तत्पर और अग्रणी रहूंगा जिस प्रकार आप सभी ने मुझे इतना प्यार और आशीर्वाद दिया है, उसी प्रकार आपके सहयोग की भी आवश्यकता है। मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम सभी पदाधिकारीगण एवं कार्यकारिणी सदस्यगण सबको साथ लेकर समाज हित की पूर्व योजनाओं के साथ-साथ नई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का पूरा प्रयास करेंगे। आपके सम्मान को बनाये रखते हुए महासभा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करूंगा। इन्हीं भावनाओं के साथ एक बार पुनः उत्तम क्षमा।

(पारस चन्द जैन)
राष्ट्रीय महामंत्री

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